Sawan Som Pradosh Vrat : आज है सावन सोम प्रदोष व्रत, ऐसे करें पूजन, ये है शुभ मुहूर्त

som pradosh

आज सावन (Sawan) का दूसरा सोमवार है। साथ ही आज श्रावण कृष्ण त्रयोदशी तिथि भी है। जैसा की आप सभी जानते है सावन का महीना बेहद खास होता है। इस महीने की मान्यता भी काफी ज्यादा है। इस महीने में कई व्रत और त्यौहार आते हैं। आज प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vra) है। सावन के महीने में सावन मास, सोमवार और प्रदोष व्रत ये तीनों ही शिवजी को ही समर्पित होते हैं।

ये भी पढ़ें – कर्मचारियों को फिर मिलेगी खुशखबरी! सैलरी में होगा 50000 से 95000 तक इजाफा, जानें 8वें वेतन आयोग पर अपडेट

आज सोम प्रदोष व्रत है खास बात ये है कि सोमवार होने की वजह से इसकी महत्ता काफी ज्यादा बढ़ गई है। इतना ही नहीं आज सोम प्रदोष व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे है जिसके चलते इससे महत्ता और भी ज्यादा हो गई है। आज हम आपको सावन सोमवार के दिन आए सोम प्रदोष व्रत के बारे में बताने जा रहे है, तो चलिए जानते है शुभ मुहूर्त और पूजन विधि –

सोम प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त –

som pradosh

श्रावण कृष्ण त्रयोदशी तिथि के दिन आने वाले इस सोम प्रदोष व्रत का मुहूर्त हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, 25 जुलाई को शाम 4:15 बजे से शुरू हो जाएगा जो कि 26 जुलाई 2022 को शाम 6:46 बजे तक रहेगा। वहीं प्रदोष काल 25 जुलाई को शाम 7:17 बजे से रात 9:21 बजे तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में शिवजी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। साथ ही हर मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है।

सोम प्रदोष व्रत पूजन विधि –

इस दिन सुबह जल्दी उठ कर सबसे पहले स्नान करने। उसके बाद सवच्छ वस्त्र पहन कर सबसे पहले घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें। उसके बाद ही व्रत के लिए संकल्प लें। फिर आप पूरे दिन में सिर्फ एक ही बार फलाहार का नियम आप लें। उसके बाद शाम में भी शिवजी की प्रदोष काल में पूजा करें और उन्हें भोग लगाए। आपको बता दे, गंगाजल से अभिषेक भोलेनाथ का अभिषेक करें। उसके बाद उन्हें पुष्प चढ़ाएं। पूजा करते वक्त कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है। इस दिन शिवजी को केवल सात्विक चीजों का भोग लगाना चाहिए। उसके बाद ही आरती करना चाहिए। आरती करने के बाद व्रत खोले।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews