वैशाख मास की अमावस्या को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना गया है। पितरों को प्रसन्न करने के लिए यह तिथि काफी खास मानी गई है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक वैशाख अमावस्या के दिन किए गए तारों से पितृ प्रसन्न होते हैं और सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

इस दिन की गई पूजा पाठ दान और तर्पण विशेष फलदायक होते हैं। इनसे तृप्त होकर पितृ अपने वंशजों को आरोग्य और सुख समृद्धि प्रदान करते हैं। अगर आप पितृ दोष की समस्या से परेशान चल रहे हैं तो इस दिन कुछ खास उपाय कर सकते हैं।

पितृ दोष से मुक्ति के उपाय

जल और तिल से तर्पण

सुबह स्नान करने के बाद एक तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें काले तिल डालें। इसके साथ आपको सफेद फूल भी पात्र में डालने हैं। अब दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके पितरों को अर्घ्य दें। इस समय अपने पूर्वजों का ध्यान करें और उनसे सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगें।

पीपल की पूजा

अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करना और शाम के समय सरसों के तेल का दीपक लगाना शुभ माना गया है। ऐसा कहते हैं कि पीपल में पितरों का वास होता है, जो व्यक्ति इसकी पूजा करता है उसे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

ब्राह्मण भोज और दान

किसी भी पूजा पाठ का फल ब्राह्मण भोज और दान के बिना अधूरा माना गया है। अपने सामर्थ्य के मुताबिक किसी भी ब्राह्मण को भोजन करा कर उसे अन्न, वस्त्र और जरूरी चीजों का दान दें। वैशाख गर्मी का समय होता है ऐसे में आप छाता और जल से भरा घड़ा भी दान कर सकते हैं।

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