ईश्वर की भक्ति में डूबकर क्यों आते हैं आंसू? जानें प्रेमानंद जी महाराज ने क्या बताया

बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है कि पूजा या भक्ति के दौरान उनकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं. कुछ इसे ईश्वर का आशीर्वाद मानते हैं, तो कुछ भावनाओं का प्रवाह। लेकिन क्या सच में यह कोई शुभ संकेत होता है?
प्रेमानंद

प्रेमानंद महाराज जी के ज्ञान और मार्गदर्शन की वजह से कई लोगों का नज़रिया बदल गया है। अपने मन की उलझन सुलझाने के लिए कई लोग महाराज जी के पास आते हैं। सोशल मीडिया पर प्रेमानंद जी महाराज की कई वीडियो वायरल होती है, छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी प्रेमानंद जी की बातों को सुनना पसंद करते हैं।

प्रेमानंद जी बताते हैं कि हमें इस दुनिया में सकारात्मकता को अपनाना चाहिए, वे हमेशा कहते हैं की हमें अपने अच्छे कर्मों पर ध्यान देना चाहिए, और फल भगवान के हाथों में छोड़ देना चाहिए। कर्मों का फल हर व्यक्ति को अवश्य मिलता है। इसलिए आप अच्छे काम करते रहेंगे और देखेंगे कि धीरे-धीरे आपके साथ सब कुछ अच्छा होता चला जाएगा।

प्रेमानंद जी महाराज की अनोखी बातें (Premanand Ji Maharaj)

प्रेमानंद जी महाराज हमेशा लोगों को आध्यात्मिक रास्ता अपनाने के लिए कहते हैं, हमेशा कहते हैं की राधा राधा नाम जपने से कई काम बन जाते हैं। ऐसे ही कई बातें महाराज जी की पूजा से संबंधित बतायी है, अक्सर भी लोगों के मन में यह सवाल रहता है की पूजा पाठ करते समय या भगवान के मंदिर में कभी कभी अचानक आँसू क्यों आने लगते हैं, इसका जवाब प्रेमानंद जी महाराज ने बड़े ही सरल भाव से दिया है।

ईश्वर की भक्ति में डूबकर क्यों आते हैं आंसू?

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, कि पूजा करते समय, या मंदिर में जब भक्तों के आँसू निकलने लगते हैं, तो यह आँसू किसी दुख के नहीं होते हैं, बल्कि ये आत्मा की शुद्धि के होते हैं, जब हमें भगवान के सामने बैठकर रोना आता है, तो इससे आध्यात्मिक ख़ुशी का एहसास होता है, अगर आपको भी पूजा पाठ करते समय, या फिर मंदिर में आँखों से आँसू आने लगते हैं, तो आप इसे नकारात्मक ना माने, बल्कि यह तो ख़ुशी की बात है, इसका यह मतलब है कि आप भगवान की भक्ति में लीन हैं, आपकी आत्मा भगवान से जुड़ चुकी है, आप भगवान के सामने अपनी परेशानी बोले या ना बोले लेकिन भगवान आपकी परेशानी समझ चुके हैं। भगवान के सामने आँसू आने का यह मतलब है कि भगवान आपसे प्रसन्न हैं और जल्द ही आपकी परेशानी हल करने वाले हैं।

दीपक की लौ से जानें

इसके अलावा प्रेमानंद जी महाराज नहीं दीपक की लौ के बारे में भी बातें बतायी है, उन्होंने कहा कि भगवान आपसे प्रश्न है या नहीं है इस बात का पता आप दीपक की लौ से भी लगा सकते हैं। उन्होंने बताया, कि जब हम पूजा करते समय दीपक जलाते हैं, और दीपक की लौ अचानक तेज हो जाए, या फिर ऊपर की तरफ़ उठने लगे, तो यह सुबह संकेत माना जाता है, इसका यह मतलब है कि भगवान आपसे प्रसन्न हैं, आपकी प्रार्थना स्वीकार कर रहे हैं, जल्द ही आपकी मुश्किलों को हल करेंगे।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews