Hindi News

कब जलाया जाता है यम का दीपक? जानें शुभ दिन, मुहूर्त और जरूरी नियम

Written by:Diksha Bhanupriy
Last Updated:
दीपावली से पहले आने वाली त्रयोदशी पर यम का दीपक जलाने की मान्यता है। चलिए आज हम आपको बता देते हैं कि दीपावली से पहले आने वाली त्रयोदशी पर यम का दीपक जलाने की मान्यता है। चलिए आज हम आपको बता देते हैं कि इसे कब जलाया जाएगा और नियम क्या है।
कब जलाया जाता है यम का दीपक? जानें शुभ दिन, मुहूर्त और जरूरी नियम

धनतेरस से दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत हो जाएगी। सबसे पहले दिन धनतेरस का ही होता है। जब सभी भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजन अर्चन करते हैं। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि जब आती है इस दिन पूजन पाठ के साथ यह का दीपक जलाने की परंपरा भी। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति यह का दीपक जलता है उसे अच्छे स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त होता है।

हम सभी अपने जीवन में सुख समृद्धि और स्वास्थ्य को चाहते ही है। अगर आपकी भी यही इच्छा है तो आप भी त्रयोदशी के दिन यह का दीपक जला सकते हैं। चलिए आज हम आपको इस दीपक से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें बताते हैं और त्रयोदशी कब है यह भी जान लेते हैं।

कब है त्रयोदशी तिथि

पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस बार 18 अक्टूबर को दोपहर 12:18 पर शुरू हो जाएगी। इसका समापन 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 पर होगा। इस हिसाब से यह त्यौहार 18 अक्टूबर को मनाया जाने वाला है।

यम का दीपक कब जलाएं (Yam Deepak 2025)

यह का दीपक त्रयोदशी तिथि पर जलाया जाता है जो 18 अक्टूबर को आ रही है। इस दिन आप विधि विधान से दीपक जला सकते हैं और अपने जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य हासिल कर सकते हैं।

कहां जलाएं

यम का दीपक जलाने के लिए हमेशा दक्षिण दिशा शुभ मानी गई है। दरअसल्या यमराज की दशा मानी जाती है और अगर इस तरफ दीप प्रज्वलित किया जाता है तो यमराज प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को अकाल मृत्यु और सभी तरह के भय से मुक्ति देते हैं।

जान लें नियम

  • जो दीपक आप जला रहे हैं वो चौमुखी होना चाहिए यानी कि इसमें 4 बाती लगानी होगी।
  • इसे सरसों के तेल का उपयोग कर प्रज्ज्वलित करें।
  • दीपक को जलाने के बाद आपको इसे घर के बाहर दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके रखना होगा।
  • दीपक रखते समय यम देवता से प्रार्थना करें कि आपके परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहे और उनकी आयु लंबी हो। इस दौरान कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना जरूर करें।
  • मान्यताओं के मुताबिक अगर व्यक्ति दीपदान करता है तो उसके जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है और अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
Follow Us :GoogleNews