बम से नहर में मछली मार रहे थे बच्चे, धमाके में एक बच्चे की मौत दो झुलसे

बम से नहर में मछली मार रहे थे बच्चे, धमाके में एक बच्चे की मौत दो झुलसे

रीवा। बम से नहर में मछली मार रहे तीन बच्चे धमाके से उसकी चपेट में आ गए। एक बच्चे का सिर उड़ गया जबकि दो बच्चे बुरी तरह झुलस गए। घटना से अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। दोनों बच्चों को उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भरती कराया गया है जहां उनका उपचार किया जा रहा है । घटना हनुमना थाने के सरदमन पहाड़ की है।

यहां रहने वाले तीन बच्चे रविवार दोपहर नहर में मछली मारने गए थे। बच्चे देशी बम से मछली मार रहे थे। उन्होंने दूर से बम फेंका लेकिन वह नहीं फटा। कुछ देर बाद तीनों बच्चे बम के पास जाकर उसको देखने लगे तभी उसमें तेज धमाका हो गया। पास में खड़े एक बच्चे का पूरा सिर इस धमाके में उड़ गया। वहीं कुछ दूरी पर खड़े दो बच्चे बुरी तरह झुलस गए। धमाके से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। आवाज सुनकर स्थानीय लोग पहुंचे तो बच्चों की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायल बच्चों को तत्काल उपचार के लिए हनुमना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जहां उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने संजय गांधी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतक की पहचान रमेश गोड़ पिता छोटेलाल 14 निवासी सरदमन के रूप में हुई है। दरअसल सभी बच्चे सुअरमार बम का इस्तेमाल कर रहे थे। आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में इन बमों का उपयोग जानवरों का शिकार करने व उनको फसलों से दूर रखने के लिए किया जाता है। बम को पानी में फेंकने पर काफी संख्या में मछलियां ऊपर आ जाती है जिनको आसानी से पकड़ लिया जाता है। गांव के लोग इस तरह से मछलियों का शिकार करते है। शायद उनको देखकर ही बच्चों ने भी बम से मछलियां मारने की योजन बनाई थी।

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