Hindi News

रीवा बाल गृह से 6 नाबालिग फरार, खिड़की तोड़कर भागे, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

Written by:Bhawna Choubey
Published:
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बाल संप्रेक्षण गृह से 6 नाबालिगों के एक साथ फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बाथरूम की खिड़की तोड़कर भागे इन बच्चों की तस्वीरें CCTV में कैद हो गई हैं।
रीवा बाल गृह से 6 नाबालिग फरार, खिड़की तोड़कर भागे, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

रीवा के समान थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार सुबह हुई इस घटना ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, छह नाबालिग बाथरूम की खिड़की तोड़कर परिसर से बाहर निकल गए। जब उनकी गिनती की गई तो घटना का पता चला। इसके बाद तुरंत पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।

पुलिस जांच में सामने आया है कि सभी नाबालिग सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच फरार हुए। घटना के बाद CCTV फुटेज खंगाले गए, जिनमें वे परिसर से निकलते हुए दिखाई दिए। फुटेज से यह भी साफ हुआ कि भागने की योजना पहले से बनाई गई थी। सुरक्षा कर्मियों को काफी देर बाद इसकी जानकारी मिली, जिसके कारण बच्चों को भागने के लिए पर्याप्त समय मिल गया। फिलहाल पुलिस उनकी पहचान और संभावित मूवमेंट के आधार पर अलग-अलग टीमों के जरिए तलाश कर रही है।

रीवा बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई है। जिस स्थान पर गंभीर मामलों में शामिल नाबालिगों को रखा जाता है, वहां से एक साथ छह बच्चों का भाग जाना कई सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाथरूम की खिड़की तोड़ने जैसी गतिविधि पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या परिसर में सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।

बाल संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे केंद्रों में सिर्फ दीवारें और ताले ही सुरक्षा का साधन नहीं होते, बल्कि लगातार निगरानी और नियमित निरीक्षण भी जरूरी होता है। यदि सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी भी चूक हो जाए तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है जब इस केंद्र से नाबालिग फरार हुए हों। पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की जरूरत और बढ़ गई है।

फरार नाबालिगों की तलाश में पुलिस का सर्च ऑपरेशन तेज

घटना की जानकारी मिलते ही रीवा पुलिस ने व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। शहर के प्रमुख मार्गों और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा गया है ताकि फरार नाबालिग शहर से बाहर न निकल सकें। इसके अलावा उनके परिचितों और संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और उपलब्ध जानकारी के आधार पर बच्चों की तलाश की जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं उन्हें बाहर से किसी की मदद तो नहीं मिली। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस फरार नाबालिगों को सुरक्षित वापस लाने पर है।

रीवा की यह घटना सिर्फ एक फरारी का मामला नहीं है, बल्कि बाल सुधार गृहों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर बहस को भी जन्म देती है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
Follow Us :GoogleNews