रीवा पुलिस ने 4 लाख रुपये से ज्यादा कीमत का कफ सिरप पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार एक फरार

रीवा पुलिस ने दो कारों से कुल 2314 नशीली ओरेक्स कफ सिरप जब्त किया है जब्त कफ सिरप की कुल कीमत लगभग 4,51,230 रुपये बताई गई है।
Rewa police seized banned Corex cough syrup

मध्य प्रदेश की रीवा पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रतिबंधित कफ सिरप कोरेक्स जब्त करने में सफलता हासिल की है, पुलिस ने कारों में भरकर ले जाये जा रहे सिरप को मुखबिर की सूचना पर पकड़ लिया, इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जब्त कफ सिरप की कीमत 4 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है।

रीवा पुलिस के मुताबिक कल दिवाली वाले दिथाना रायपुर कर्चुलियान पुलिस को मुखबिर ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप आने की  सूचना दी, सूचना मिलते ही पुलिस ग्राम बुढ़िया टिकैता टोला रोड पर पहुंची और दो कारों को रोका तो उसमें भारी मात्रा में कफ सिरप भरा था।

दो कारों में जा रहा प्रतिबंधित कोरेक्स कफ सिरप जब्त  

पुलिस ने बताया कि जब तलाशी ली गई तो काले रंग की होण्डा WR-V कार क्रमांक- MP 19 CC 5805 में 8 प्लास्टिक की बोरियों में 1834 शीशी नशीली ओरेक्स कफ सिरफ एवं एक सिल्वर कलर की वैगनआर कार क्रमांक- MP 49C 2490 में 4 खाकी रंग के कार्टून में 480 शीशी कुल 2314 नशीली ओरेक्स कफ सिरप मिला जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया, जब्त कफ सिरप की कुल कीमत लगभग 4,51,230 रुपये बताई गई है।

गिरफतार दोनों आरोपी सीधी के रहने वाले 

पुलिस ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी राहुल सिंह थाना चुरहट जिला सीधी का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी उत्कर्ष द्विवेदी थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी का रहने वाला है, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ  NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

फरार आरोपी को तलाश जारी 

पुलिस ने बताया कि आरोपियों का एक साथी फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है, पुलिस ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप को कहाँ खपाया जा रहा था इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है जिससे मालूम चल सके कि इसे किसने मंगाया था।

[dgv_vimeo_video id=”1129163760″]

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews