एक तरफ मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने पर जोर दे रही है तो दूसरी ओर कुछ शिक्षकों की लापरवाही इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। ऐसा इसलिये कहा जा रहा है क्योंकि रीवा जिले के एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य महोदय खुद शराब के नशे में धुत पाये गये। जिसके बाद प्राचार्य पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
बता दें कि यह मामला जिले के महसांव शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल का है। जहां शनिवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अचानक इस सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंच गये। जब कलेक्टर स्कूल में पहुंचे तो उनको वहां पर कई खामियां नजर आईं और प्राचार्य पर शराब पीने का आरोप लगा।
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इस दौरान कलेक्टर ने पूरे स्टाफ के सामने प्राचार्य को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके साथ ही मौके पर मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी को प्राचार्य की मेडिकल जांच कराने एवं उनके विरूद्ध निलंबन का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद प्राचार्य के विरूद्ध यह कार्रवाई की गई।
कलेक्टर को स्कूल में मिली कई खामियां
बता दें कि स्कूल का निरीक्षण करते समय कलेक्टर को पढ़ाई और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई कमियां मिलीं। उनको जानकारी लगी कि आधा सत्र बीत गया है लेकिन अभी तक कक्षा 11वीं और 12वीं की जीव विज्ञान तथा कक्षा छठवीं की हिंदी विषय की किताबों का वितरण नहीं हुआ था। इतना ही नहीं, 9 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति की ई-केवाईसी भी लंबित है।
इसके बाद कलेक्टर ने इन खामियों को देखते हुए संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जब इस कमियों पर प्राचार्य से जवाब मांग गया तो वे जवाब पेश नहीं कर पाये। इस दौरान बात सामने आई कि प्राचार्य शराब पी रखी है। स्कूल के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने आसपास के गांव में जाकर ग्रामीणों से भी संवाद किया एवं उनकी समस्याओं को सुना।