
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अपनी कई प्रमुख मांगों को लेकर सवर्ण समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। आंदोलन से जुड़े लोग पहले रीवा के स्वामी विवेकानंद पार्क में इकट्ठा हुए और वहां विरोध जताया, जिसके बाद वे कलेक्ट्रेट पहुंचे।
दरअसल जब ये सभी लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे तो वहां कलेक्टर मौजूद नहीं थे। कलेक्टर के न मिलने पर प्रदर्शनकारी काफी नाराज हो गए और सीधे कलेक्टर कक्ष के सामने धरने पर बैठकर विरोध जताने लगे।
EWS कल्याण बोर्ड बनाने और प्रमाण पत्र की अवधि तीन साल करने की उठी मांग
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने कई बड़ी मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लोगों के कल्याण के लिए राज्य स्तर पर एक अलग EWS कल्याण बोर्ड बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों की यह भी मांग थी कि EWS प्रमाण पत्र की समय सीमा यानी पात्रता अवधि को बढ़ाकर एक साल से तीन साल कर दिया जाए। इसके अलावा आरक्षण व्यवस्था में भी बदलाव करने की बात कही गई है, जिसमें अलग-अलग राज्यों से आए करणी सेना के नेता भी शामिल हुए।
कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक चला हंगामा
कलेक्टर के दफ्तर में न मिलने पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और वे कक्ष के बाहर ही ज़िद पर बैठ गए। कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक हंगामा और नारेबाजी चलती रही, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब मामला ज्यादा बढ़ा तो प्रशासन की तरफ से अपर कलेक्टर यानी एडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से बातचीत की और राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन स्वीकार किया, जिसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।

