कमलनाथ का मोदी पर हमला, ‘मुंह चलाने में और देश चलाने में फर्क होता है’

कमलनाथ का मोदी पर हमला, ‘मुंह चलाने में और देश चलाने में फर्क होता है’

सागर। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है । उन्होंने सागर में आयोजित एक सभा में प्रधानमंत्री की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोदी कभी राष्ट्रवाद की बात करते हैं तो कभी पाकिस्तान की लेकिन कभी किसान या नौजवान की बात नहीं करते। सीएए के ऊपर सवाल उठाते हुए मोदी पर निशाना साधा और बोला कि ऐसी क्या आवश्यकता थी कि रात में बारह बजे तक संसद चला कर इस कानून को पास कराया गया। उन्होंने मोदी से सवाल किया कि उनके इस वायदे का क्या हुआ कि दो करोड़ नौजवानों को रोजगार मिलेगा और कृषि लाभ का धंधा बनेगी। आज देश के अंदर सबसे ज्यादा आत्महत्या किसानों ने मोदी के कार्यकाल में ही की है। सबसे ज्यादा बेरोजगारी भी मोदी जी के काल में ही आई है। उन्होंने सवाल किया कि नागरिकता संशोधन कानून की क्या जरूरत है? क्या देश में युद्ध  हो रहा है या फिर रिफ्यूजी आ रहे हैं?अब मोदी जी की कलाकारी देश समझ चुका है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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