सागर जिले के देवरी विकासखंड के रसेना गांव में छात्राओं का प्रदर्शन अब चर्चा का विषय बन गया है। स्कूल की इमारत नहीं होने और आसपास अतिक्रमण के कारण परेशान छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
छात्राओं के प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया। शाम को स्कूल के आसपास की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान उस समय स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई, जब कब्जा करने वालों में शामिल एक महिला और युवती बुलडोजर के सामने आ गईं।
रसेना गांव में स्कूल की बदहाली से परेशान थीं छात्राएं
रसेना गांव का उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लंबे समय से अपनी इमारत के लिए परेशान है। स्कूल की खुद की पक्की इमारत नहीं होने के कारण पढ़ाई सहकारी समिति के गोदाम में कराई जा रही है। ऐसे स्थान पर विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं मिलना आसान नहीं है।
छात्राओं का कहना है कि स्कूल की स्थिति के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पढ़ाई के लिए पर्याप्त जगह और दूसरी जरूरी सुविधाओं की कमी के बीच छात्राएं और शिक्षक किसी तरह काम चला रहे हैं।
सड़क पर उतरीं छात्राएं, घंटों चला प्रदर्शन
स्कूल की समस्याओं को लेकर छात्राओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर जाम लगाया और अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। छात्राओं का कहना था कि जब तक स्कूल की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक उनकी परेशानी खत्म नहीं होगी।
प्रदर्शन के कारण मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
छात्राओं ने स्कूल की स्थिति के साथ-साथ आसपास के अतिक्रमण का मुद्दा भी अधिकारियों के सामने रखा। उनका कहना था कि स्कूल की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी न हो।
बुलडोजर पहुंचा तो सामने आ गई महिला और युवती
प्रशासन ने स्कूल के आसपास से अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर बुलाया। कार्रवाई शुरू होने के दौरान कब्जा करने वालों की ओर से विरोध भी सामने आया।
एक महिला और एक युवती बुलडोजर के सामने आ गईं। इससे कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। प्रशासन के सामने कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करने की चुनौती थी।
मौके पर महिला पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने की वजह से स्थिति और मुश्किल हो गई। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के जरिए मामला संभालने की कोशिश की।
छात्राओं के प्रदर्शन के बाद प्रशासन को लेना पड़ा फैसला
रसेना की घटना इसलिए भी खास है क्योंकि यहां छात्राओं ने अपनी समस्या को लेकर सीधे प्रशासन के सामने आवाज उठाई। आमतौर पर गांवों में स्कूल की समस्याओं को लेकर बच्चे और अभिभावक अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाते हैं, लेकिन इस मामले में छात्राओं ने खुद आगे आकर प्रदर्शन किया।
पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने छात्राओं के हौसले की तारीफ की
इस मामले पर क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री हर्ष यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने छात्राओं के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए इसे उनकी जीत बताया।
हर्ष यादव ने स्कूल की इमारत का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि उनके कार्यकाल के दौरान रसेना में स्कूल की इमारत स्वीकृत कराई गई थी, लेकिन इसके बाद भी स्कूल की पक्की इमारत नहीं बन सकी।
छात्राओं की आवाज ने खड़ा किया बड़ा सवाल
रसेना की छात्राओं का प्रदर्शन केवल एक गांव के स्कूल की समस्या तक सीमित नहीं है। इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है।
ग्रामीण इलाकों में कई विद्यार्थी ऐसे स्कूलों में पढ़ते हैं जहां भवन, रास्ते, शौचालय, पानी, बिजली और बैठने जैसी सुविधाओं की कमी रहती है। इन समस्याओं का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों पर पड़ता है।






