पुष्पराज सिंह बघेल/सतना। बदमाशों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। बदमाशों ने इस बार किसी आम व्यक्ति का नहीं बल्कि यातायात महिला सिपाही का अपहरण किया गया है। सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी लेकिन ये हकीकत है। सफेद बोलेरो में महिला सिपाही का अपहरण कर अपहर्ता भाग रहे थे तभी पूरे जिले में घेराबंदी करते हुए पुलिस ने गांधीग्राम में बोलेरो चालक को पकड़ लिया। यातायात महिला सिपाही को सकुशल बरामद कर लिया। पीड़ित महिला पुलिस के बयान पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शैलेन्द्र सिंह के खिलाफ धारा 353, 354, 366,186 के तहत केस दर्ज कर उस पर आगे की कार्रवाई कर रही है
यातायात महिला सिपाही का अपहरण कर भाग रहा था बदमाश, कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा गया
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






