पत्रकार के हमलावर, अवैध पैलेस संचालक भेजे गए जेल

पत्रकार के हमलावर, अवैध पैलेस संचालक भेजे गए जेल

सतना | पुष्पराज सिंह बघेल 

सतना के नागौद में पत्रकार अम्बरीष पर हमला करने पैलेस संचालक 4 युवक जेल भेजे गए। दरसल बीते दिनों डी जे से कोलाहल कर छात्रो के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अवैध पैलेस संचालकों के खिलाफ पत्रकार अम्बरीष सिंह ने खबर प्रमुखता से दिखाई थी | जो दबंग पैलेश संचालक नीरज केशरवानी को नागवार गुजरी जैसे ही आज सुबह अम्बरीष सिंह अपने निर्माणाधीन आवास पर हो रहे काम का जायजा लेने पहुचे, तो आनंद बेला पैलेस के संचालक नीरज केसरवानी, प्रमोद केसर वानी, शिवम केसरवानी, और एक अन्य ने खबर चलाये जाने पर आपत्ति जताई, कहा मीडिया में हो तो क्या कर लोगे जान से मार देंगे इस दौरान पत्रकार अम्बरीष ने नागौद थाने के सिपाही को तत्काल फोन कर विवाद की जानकारी दी जिस पर मौके पर नागौद थाने में पदस्थ दो पुलिस कर्मी पुष्पेंद्र, और एक अरक्षक घटना स्थल पर पहुँच गए | लेकिन पहले से ही सुनियोजित घटना को अंजाम देने वाले पैलेस संचालक नीरज केसरवानी सहित आधा दर्जन लोग नही रुके बल्कि पुलिस कर्मी की मौजूदगी में पत्रकार अम्बरीष को मारते रहे ।दबंग पैलेस संचालक के आगे पुलिस कर्मी भी बचने में नाकाम रहे दबंग संचालक को न पुलिस का खौफ न प्रशसन का डर ।पीड़ित पत्रकार ने घटना की जानकारी नागौद थाने में दी लेकिन दबंग संचालक अपने रसूख़ की धौंस दिखाकर सब को खरीदने की बात करता रहा | लेकिन कानून के आगे सब बौने है।चाहे वो कितना रसूख़ दार क्यो न हो आनंद पैलेस के संचालक सहित उनके बाकी तीन भाई जो पत्रकार पर हमला करने के आरोपी थे | मामला कायम कर पुलिस ने एस डी एम कोर्ट में पेश किया जहाँ से जेल वारंट पर जेल चारों हमलावर आरोपियो को जेल भेज दिया गया। वहीं पत्रकार अम्बरीश को गम्भीर चोटे आयी है लिहाजा उन्हें सतना रेफर कर दिया जहाँ उपचार चल रहा है। बडा सवाल है कि माफियाओ और रसूख दारो के हौसले इस कदर बुलंद है कि प्रशासन और पत्रकार भी सुरक्षित नही है |

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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