मैहर: कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे 4 ग्रामीण, 3 की दम घुटने से मौत, 1 का इलाज जारी, गांव में पसरा मातम

मैहर में कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे 3ग्रामीणों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दम घुटने से मौके पर ही मौत हो वहीं एक ग्रामीण बेहोश हो गया, जिसे सतना रैफर किया गया है।
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मध्य प्रदेश के मैहर जिले में बीती रात बड़ा हादसा हो गया । यहां एक कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे चार ग्रामीणों में से तीन की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। वहीं सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे जिले के अमरपाटन थाना इलाके के खरमसेड़ा गांव की है। ​गांव के रामनिवास कुशवाहा के घर के पास स्थित करीब 35 फीट गहरे कुएं में अचानक एक बैल गिर गया था। कुएं के अंदर से बैल के छटपटाने की आवाज सुनकर ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। बेजुबान बैल की जान बचाने के लिए गांव के दो युवक रस्सी के सहारे कुएं के नीचे उतरे। कुएं में उतरते ही दोनों युवक जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। जब उन्हें मुसीबत में देख बाहर खड़ा एक और ग्रामीण कुएं में उतर गया। काफी देर कोई हलचल नहीं हुई तो चौथा ग्रामीण भी बचाव के लिए नीचे पहुंचा, लेकिन कुएं के भीतर पहुंचते ही सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए।

चारों के नीचे उतरने पर भी कोई आवाज नहीं हुई, तो बाहर खड़े ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।  सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने तुरंत  रेस्क्यू शुरू किया और रस्सियों और अन्य साधनों से चारों अचेत लोगों को बाहर निकाला। और सभी को अमरपाटन सिविल अस्पताल ले जाया गया।

​अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तीन युवकों ​कृष्ण कुमार यादव (28 वर्ष), पिता रामदास,​वीरेंद्र यादव (47 वर्ष), पिता जगदीश और राहुल यादव (34 वर्ष), पिता मोतीलाल को मृत घोषित कर दिया। वहीं चौथे युवक को प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि लंबे समय से बंद होने के चलते कुएं के निचले हिस्से में घुटनों तक पानी भरा था, जिससे ऑक्सीजन का लेवल कम हो गया और जहरीली गैस बन गई थी, जिसकी चपेट में युवक आ गए। बता दें कि बंद कुओं में अक्सर कार्बन डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें बन जाती हैं, जो बेहद जानलेवा होती हैं।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। शनिवार को विशेषज्ञ टीम गांव पहुंचकर कुएं में जहरीली गैस की मौजूदगी और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी, इसके बाद ही सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।  इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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