पेपरलेस बिजली बिल का विरोध, BJP विधायक ने अपनी ही सरकार को दी चेतावनी

पेपरलेस बिजली बिल का विरोध, BJP विधायक ने अपनी ही सरकार को दी चेतावनी

BJP MLA opposes paperless electricity bill : मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग प्रदेश ने प्रदेश में पेपरलेस बिल की व्यवस्था शुरू की है लेकिन अब इसका विरोध शुरू हो गया है, खास बात ये है कि सत्ताधारी पार्टी भाजपा के विधायक ने ही इसका विरोध किया है, भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र की जनता का शोषण हो रहा है, सरकार इस व्यवस्था पर चिंतन करे अन्यथा इसके खिलाफ जल्दी चिंगारी फूटेगी।

विधायक नारायण त्रिपाठी ने किया पेपरलेस बिल का विरोध 

भाजपा के मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी अपनी बात मुखर होकर कहते हैं चाहें वो फिर सरकार का फैसला हो या फिर जनता से जुडी कोई समस्या, वो समय समय पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखते रहते हैं और बयान जारी करते हैं। अब विधायक नारायण त्रिपाठी ने ग्रामीण क्षेत्रो में बिजली विभाग द्वारा जारी किए जा रहे बिजली बिलों का मुखर होकर विरोध किया है।

ग्रामीण क्षेत्र की जनता के साथ हो रहा अन्याय 

विधायक त्रिपाठी ने कहा कि एक तरफ प्रदेश की राजधानी जहां 90% प्रतिशत आबादी पढ़ी लिखी है हर व्यक्ति के पास एंड्रॉयड मोबाइल है वहाँ बिजली विभाग के मीटर रीडर घर घर जाकर बिजली के स्पाट बिल उपभोक्ता को मौके पर ही निकालकर मुहैया करा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में जहां अधिकतर लोग के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं हैं, साधारण फोन भी नहीं है, शिक्षा का भी अभाव है वहां आनलाइन व पेपरलेस बिजली बिल मैसेज से भेजे जा रहे हैं जिससे ग्रामीणों को उनके बिलों के बारे में जानकारी नही हो पाती।

ग्रामीणों पर थोपा जा रहा सरचार्ज, कट रहे कनेक्शन 

उन्होंने कहा कि बिलों की जानकारी नहीं होने से दो तो तीन माह बीतने पर तमाम तरह के सरचार्ज और ब्याज ग्रामीणों के बिलों में जोड़ दिये जाते हैं और बिल जमा नहीं होने पर विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी गांवों में विद्युत कनेक्शन काटने पहुँच जाते हैं  और उपभोक्ता को सुविधाविहीन कर देते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की जनता का सरेआम शोषण हो रहा है।

सरकार सुधार करे वरना होगा कड़ा विरोध

विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि बिजली बिलों के नाम पर हम अपने विन्ध्य की जनता का ऐसा शोषण नहीं होने देंगे। सरकार ऑनलाइन पेपरलेस बिजली बिलों की जगह गांव गांव घर घर बिजली बिलों को लोगों तक पहुंचाए साथ ही फर्जी बिलों के समाधान की समय सीमा सुनिश्चित कर अधिकारियों पर जिम्मेदारियों का निर्धारण करे अन्यथा ये बिजली बिलों की चिंगारी विन्ध्य से अतिशीघ्र ज्वाला बन जाएगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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