Bageshwar Dham : बागेश्वर सरकार से शादी के लिए पदयात्रा, MBBS छात्रा को मिला संतों का आशीर्वाद, 16 जून को पहुंचेंगी बागेश्वर धाम

Bageshwar Dham, Dhirendra Shastri

Dhirendra Krishna Shastri

Bageshwar Dham : श्री बागेश्वर धाम सरकार और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कौन नही जानता। मौजूदा वक्त में यह नाम किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। देश ही नही विदेशों में अपनी ख्याति का लोहा मनवाने वाले धीरेंद्र शास्त्री के करोड़ों भक्त मौजूद हैं। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जब से हिंदू राष्ट्र बनाने बात कही हैं। तब से उनकी ख्याति में चार चांद लग गए है। युवा अविवाहित संत धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से कई बार गृहस्थ जीवन और जल्द विवाह करने की बात स्वीकार की है। उनकी इस घोषणा के बाद देश विदेश से लोग रिश्तों की डोर बांधते दिख रहे है।

एमबीबीएस की छात्रा बागेश्वर धाम की पदयात्रा पर निकली 

ऐसा ही एक सरल सौम्य प्रेमभाव का रिश्ता बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की ओर बढ़ रहा है। धरेंद्र शास्त्री से विवाह की कामना लेकर एमबीबीएस की छात्रा गंगोत्री से सिर पर जल का कलश रखकर बागेश्वर धाम की पदयात्रा पर निकल चुकी है। छात्रा गंगोत्री से चित्रकूट पहुंची। विश्राम के बाद पदयात्रा आगे की ओर निकल चुकी है।जो 16 जून को बागेश्वर धाम पहुंचेगी और धीरेंद्र शास्त्री से मिलेगी।

बागेशर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी से विवाह की कामना लेकर एमबीबीएस की छात्रा शिवरंजनी तिवारी द्वारा श्री गंगोत्री धाम से श्री बागेश्वर धाम तक सर पर गंगाजल का कलश लेकर पदयात्रा शुरु की है। शिवरंजनी तिवारी चित्रकूट के संतोषी अखाड़ा पहुंची। जहां चित्रकूट के साधू संतों के सामने संगीतमय भजन प्रस्तुत किया गया। चित्रकूट के साधू संतों ने शिवरंजनी की मनोकामना पूर्ण होने का तो आशीर्वाद भी दे दिया है।

शिवरंजनी तिवारी ने बताया गया कि गंगोत्री से सिर पर गंगाजल का कलश लेकर पदयात्रा कर रही है। हालांकि शिवरंजनी ने साफ साफ तो कुछ नही बोला लेकिन इशारों में अपने मन की बात और प्रकट कर दिया। अपने बयान में उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को प्राणनाथ के संबोधन से संबोधित कर दिया है। प्राणनाथ किसे कहते हैं। आसानी से समझा जा सकता है।

शिवरंजनी ने कहा कि पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी मन की बात जानते हैं, मैं क्यों खुलासा करूँ। सभी लोग 16 जून का इंतजार करें। दिलचष्प बात यह रही कि चित्रकूट विश्राम के दौरान संतोषी अखाड़ा के श्री महंत श्रीराम जी दास महाराज ने कहा कि विवाह संस्कार विधि का विधान होता है। अगर इस कामना को लेकर शिवरंजनी तिवारी गंगाजल कलश पदयात्रा कर रही है तो चित्रकूट के साधू संतों का पूर्ण आशीर्वाद है।यात्रा में शिवरंजनी तिवारी के पिता भाई और अन्य लोग भी शामिल हैं।

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