सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर एक मासूम बच्ची से बर्तन धुलवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सहायिका पास ही बैठी नजर आ रही है।
मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग हरकत में आया और परियोजना अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं।
मांगा पोषण, धुलवाए बर्तन…
सतना के रैगांव विधानसभा की आंगनवाड़ी खखरौंध ग्राम पंचायत के अंतर्गत आती आंगनवाड़ी का बताया जा रहा है मामला, आरोप है बच्ची ने मांगा था पोषण तब बदले में धुलवाए गए बर्तन, CDPO ने दिए जांच के निर्देश, नियमानुसार कार्रवाई की बात, राधा रजक कार्यकर्ता और… pic.twitter.com/gzLBI5MxlV
— MP Breaking News (@mpbreakingnews) February 2, 2026
पोषण आहार के बदले बर्तन की सफाई?
यह मामला नागोद परियोजना क्रमांक-1 के तहत आने वाले ग्राम ललचहा के आंगनबाड़ी केंद्र का है। रविवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक छोटी बच्ची केंद्र के अंदर जूठे बर्तन धो रही है। आरोप है कि जब बच्ची ने केंद्र से पोषण आहार मांगा तो वहां मौजूद सहायिका ने उसे बर्तन धोने के लिए कह दिया। इस घटना ने विभाग की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
यह केंद्र खखरौंध ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र में राधा रजक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अंजना लोधी सहायिका के रूप में पदस्थ हैं। वीडियो में सहायिका अंजना लोधी बच्ची के पास ही बैठी दिखाई दे रही हैं।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
वीडियो वायरल होते ही मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आया। नागोद परियोजना क्रमांक-1 के परियोजना अधिकारी (CDPO) इंद्रभूषण तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो की सत्यता की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
“मामला संज्ञान में आया है। वीडियो की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” — राजीव सिंह, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह ने भी स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बर्तन धोने की जिम्मेदारी सहायिकाओं की होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों से यह काम कराना विभागीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है और जांच के बाद दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन
आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा देना है। यहां बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना बाल अधिकारों का हनन और श्रम कानूनों के तहत एक दंडनीय अपराध है। इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी काफी नाराजगी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।





