सतना: मध्यप्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई नदियां उफान पर हैं। सतना में भी तेज बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। वहीं धार्मिक नगरी चित्रकूट में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।
बता दें कि मंदाकिनी नदी का पानी बढ़ता देख लोग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। नदी के आसपास और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। लोगों से नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन की अपील का पालन करने को कहा जा रहा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया है।
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि सतना जिले में रात से हो रही लगातार बारिश के कारण एक बार फिर बाढ़ की स्थिति बनती जा रही है। सेमरावल नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है तथा कोटर-बिरसिंहपुर मार्ग भी लगभग बंद होने की स्थिति में है। ऐसे में निचले इलाकों में पुनः जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
टमस बराज के सभी गेट खोलने के निर्देश
सांसद ने आगे कहा कि सतना कलेक्टर से तत्काल से टमस बराज बांध के सभी गेट खोलने के निर्देश दिए गए हैं जिससे पानी का अनावश्यक जमाव न होने पाए और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रकार चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने चित्रकूट सहित जिले के सभी प्रभावित एवं निचले क्षेत्रों के नागरिकों से आग्रह किया है कि सतर्क रहें और किसी भी प्रकार का जोखिम न लें।
प्रशासन को सतर्क रहने के दिए निर्देश
गणेश सिंह ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे और जनसेवी संस्थाएं एवं हमारे कार्यकर्ता भी राहत और सहयोग के लिए तत्पर रहें। उन्होंने सभी परिवारों से विशेष अपील की कि आवश्यकता महसूस होने पर वे तत्काल अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि इस कठिन परिस्थिति में हम सभी प्रभावित नागरिकों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। 29 अगस्त को नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए थे। इस दौरान सैकड़ों साल पुराना पुल भी बह गया और बड़ी संख्या में गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इसके बाद रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी चित्रकूट पहुंचे थे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां जानीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी।





