पंजाब नेशनल बैंक ने MCLR में बदलाव किया है। 3 महीने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि हुई है। नए रेट सितंबर की पहली तारीख से लागू हो चुके हैं। आइए टेन्योर वाइज इंटरेस्ट रेट जानें।
AI Generated Image
सितंबर महीने की शुरुआत के साथ-साथ लोन के ब्याज दरों (Loan Rates) में बदलाव का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। पब्लिक सेक्टर के पंजाब नेशनल बैंक में मार्जिनल कॉस्ट आफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बदलाव किया है। संशोधित एमसीएलआर दरें 1 सितंबर से लागू हो चुकी हैं। इससे पहले बैंक ने 1 अगस्त को दरों में संशोधन किया था। बदलाव के बाद एमसीएलआर 8% से लेकर 9. 10% के बीच है।
3 महीने के लिए MCLR में 5 आधार अंकों की वृद्धि की गई है। पहले दरें 8.45% थी, जिसे बढ़ाकर 8.50% कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य टेन्योर में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। ओवरनाइट टेन्योर के लिए दरें 8% पर बरकरार रहेंगी।
ओवरनाइट टेन्योर के लिए एमसीएलआर 8%, 1 महीने के लिए 8.25% और 6 महीने के लिए 8.35% पर बरकरार है। 1 साल के टेन्योर के लिए दरें 8.80% और 3 साल के लिए 9.10% है। इसके अलावा बेस रेट और RLLR में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन टी-बिल लेंडिंग रेट्स (TBLR) में संशोधन हुआ है। पीएनबी प्राइम प्लस के लिए टीबीएलआर 5.25% होगा। 6 महीने के टेन्योर प्रीमियम के लिए दरें 0.25% और 12 महीने के लिए 0.40% हैं।
फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
पीएनबी ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। 7 दिन से लेकर 10 साल तक के टेन्योर पर 3 करोड़ रुपये से कम का निवेश करने पर सामान्य नागरिकों को 3% से लेकर 6.60% तक ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 3.50% से लेकर 7% है। जबकि सुपर सीनियर सिटीजंस को 3.80% से लेकर 7.40% तक ब्याज बैंक ऑफर कर रहा है। सबसे ज्यादा रिटर्न 444 दिन के स्पेशल टेन्योर पर मिल रहा है।
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है।
अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"View all posts by Manisha Kumari Pandey →