अगस्त 2026 में अब तक रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) कई बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठा चुका है। किसी पर जुर्माना तो किसी पर प्रतिबंध लगाया गया है। एक बार फिर आरबीआई की कार्रवाई सामने आई है। महाराष्ट्र के दो सहकारी बैंकों पर नियमों का सही से अनुपालन न करने पर जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी सेंट्रल बैंक में 31 अगस्त को अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.inपर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
द मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जय भवानी सहकारी बैंक लिमिटेड पुणे पर 2.03 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। बैंक ने केवाईसी समेत अन्य बैंकिंग नियमों का उल्लंघन किया है। निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन का पता चला था।
नोटिस जारी कर आरबीआई ने मांगा स्पष्टीकरण
31 मार्च 2025 तक नाबार्ड द्वारा द मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और आरबीआई द्वारा जय भवानी सहकारी बैंक लिमिटेड का निरीक्षण किया गया था। जिसका उद्देश्य बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करना था। इस दौरान पता चला कि बैंक दिशा निर्देशों का अनुपालन सही से नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद जब आरोप सही साबित हुए तो पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
बैंकों ने तोड़े ये नियम
द मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं किया। इसलिए आरबीआई ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत पेनल्टी लगाने का फैसला लिया। जय भवानी सहकारी बैंक लिमिटेड में सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को उधारकर्ताओं कि क्रेडिट इनफॉरमेशन रिपोर्ट करने में फेल हुआ। इसके अलावा निर्धारित समय सीमा के भीतर खातों के जोखिम वर्गीकरण की समीक्षा भी नहीं कर पाया।
ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर
आरबीआई नव स्पष्ट किया है कि बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। सभी लेन देन और एग्रीमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे। न ही इसका कोई असर भविष्य में होने वाली किसी अन्य कार्रवाई पर पड़ेगा।






