लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर जाते हैं। अब एक बार फिर उनके एक बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने चाय के कप को लेकर भी जातिगत भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी की जमकर आलोचना की है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जाति वाले बयान को लेकर राहुल गांधी पर पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब वे स्थानीय लोगों के साथ चाय पीते हैं तो उन्हें केवल चाय का स्वाद और लोगों का अपनापन दिखाई देता है। कहीं भी जाति नजर नहीं आई।
राहुल गांधी पर बरसे सीएम धामी
बता दें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी सोमवार को खमीटा में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर रहे थे। तभी उन्होंने एक चाय दुकान पर स्थालीय लोगों के साथ चाय का लुत्फ उठाया। सीएम धामी ने इस दौरान कहा कि राहुल गांधी द्वारा चाय के कप में भी जाति और भेदभाव तलाशना संकीर्ण राजनीति की पराकाष्ठा है। समाज को बांटने और हर विषय में जाति तथा राजनीति खोजने की मानसिकता देशहित में नहीं है।
चाय में भी जाति और राजनीति ढूंढना सही नहीं: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि कप डिस्पोजेबल हो सकता है लेकिन सोच इतनी डिस्पोजेबल नहीं होनी चाहिए कि चाय में भी जाति और राजनीति दिखाई देने लगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति हमेशा सामाजिक समरसता, भाईचारे और आपसी अपनत्व की मिसाल रही है। ऐसे में समाज को बांटने के बजाय जोड़ने वाली राजनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने क्या दिया था बयान?
बता दें कि एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने चाय देने के तरीके को लेकर सवाल उठाते हुए देश में जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है जहां दलितों को डिस्पोजेबल कप में जबकि अन्य लोगों को कांच या सिरेमिक के दोबारा इस्तेमाल होने वाले कप में चाय दी जाती है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद अब सियासी घमासान तेज हो गया है।





