शिक्षकों ने छात्र को बेरहमी से पीटा, परिजनों ने थाने में की शिकायत

शिक्षकों ने छात्र को बेरहमी से पीटा, परिजनों ने थाने में की शिकायत

सतना/पुष्पराज सिंह बघेल। स्कूल में छात्रों की लड़ाई पर दो शिक्षकों ने एक छात्र की जमकर पिटाई कर दी जिससे वो बेहोशी की स्थिति में पहुंच गया और उसके शरीर पर चोटों के निशान भी पड़ गए हैं। छात्र का कहना है कि होश में आने पर शिक्षकों ने उसे किसी को भी घटना के बारे में बताने से मना किया और बात न मानने पर धमकी भरे अंदाज़ में टीसी पकड़ा देने की धमकी दी। मामला सामने आने पर बच्चे के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है

मामला रामनगर थाना क्षेत्र के सरकारी स्कूल का है और ये पहला मामला नहीं है कि जब यहां से इस तरह की शिकायतें आई हो। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके है लेकिन अब तक उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल ये घटना रामनगर थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझटोलवा गांव के सरकारी स्कूल की है। यहां देवांश सिंह परिहार कक्षा 6 का छात्र है और उसका अपनी ही कक्षा में पढ़ने वाले एक बच्चे के साथ कुछ मामूली विवाद हो गया। उसकी शिकायत करने देवांश अपने शिक्षक कमलेश शुक्ला के पास पहुंचा था तो उन्होने देवांश की ही पिटाई कर डाली। इसके बाद देवांश एक अन्य वरिष्ठ शिक्षक कामता तिवारी के पास पहुंचा तो उन्होंने भी उसकी शिकायत नहीं सुनी और उसके साथ फिर मारपीट की। बच्चे का कहना है कि वो पिटाइ के बाद बेहोश हो गया था और जब होश में आया तो दोनों शिक्षकों ने उसे घटना किसी को न बताने की बात कहकर धमकाया भी। बच्चे के परिजनों का भी आरोप है कि जब वो घर पहुंचा तो उसकी हालत काफी खराब थी और अब भी उसके शरीर पर पिटाई के निशान है। घरवालों ने अब मामले की शिकायत रामनगर थाने में की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे की एमएलसी कराइ है और जांच में जुट गई हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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