सतना में दो मरीजों ने कोरोना को दी मात, कलेक्टर ने माला पहनाकर किया विदा

सतना में दो मरीजों ने कोरोना को दी मात, कलेक्टर ने माला पहनाकर किया विदा

सतना/पुष्पराज सिंह बघेल

सतना विंध्य क्षेत्र में कोरोना से पहली मौत का दंश झेल चुके सतना के खाते में एक बड़ी उपलब्धि भी दर्ज हो गई है। कोरोना के खिलाफ जंग में जीत का आगाज सतना में भी हो गया है। जिले के अमरपाटन क्षेत्र के गांवों में संक्रमित मिले जीजा और साले ने कोरोना वायरस को मात दे दी है और उन्हें घर भेज दिया गया है।

हालांकि खुशी के इस मौके पर एक नया पॉजिटिव केस मिलने की निराश करने वाली खबर भी आई है लेकिन जीत के हौसले ने इस निराशा को कामजोर कर दिया है। यहां क्वारंटाइन सेंटर में आइसोलेट किये गए दो लोगों ने कोरोना को हरा दिया है। मंगलवार को दोनों को सतना के पीएम आवास स्थित क्वारन्टाइन सेंटर से घर भेजा गया। चेहरे पर खुशी और विजयी मुस्कान लिए घर जाने के लिए तैयार हुए दोनों लोगों को विदा देने कलेक्टर अजय कटेसरिया खुद पीएम आवास उतैली में बने क्वारंटाइन सेंटर पहुंचे। कलेक्टर ने कोरोना के खिलाफ जंग में मरीजो के अनुशासन और दृढ़ इच्छा शक्ति की प्रशंसा की । दोनो को फूल माला पहनाई गई और महामारी को मात देने वालों के सम्मान में तालियां बजाई भी गई।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews