कोरोना वायरस से बचाव के लिए सीएसआर मैनेजर उमाशंकर पाण्डेय एवं अन्य डॉक्टरों ने दिए सुझाव

कोरोना वायरस से बचाव के लिए सीएसआर मैनेजर उमाशंकर पाण्डेय एवं अन्य डॉक्टरों ने दिए सुझाव

सीहोर। अनुराग शर्मा.  देवास भोपाल फोर लेन प्रबंधन के परियोजना संचालक आशीष थिटे व महाप्रबंधक किरण बाबू के निर्देशन में सीएसआर मैनेजर उमाशंकर पाण्डेय द्वारा डॉक्टर नवीन मेहर के सहयोग व डॉक्टर भरत आर्य, डॉक्टर वी. के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में कोरोना वायरस (को.बि. ड. 19) से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सी. एस. आर. मैंनेजर उमा शंकर पाण्डेय ने उपस्थित आम जन को सम्बोधित करते हुए बताया कि अगर हम छोटी छोटी सावधानी अपना कर जैसे जिसको खांसी हुई हो उससे दुरी बना कर, डिटॉल से दिन में कई बार हाथ धो कर, मास्क लगा कर, व इसके जरूरी लक्षण के संदेह पर नजदीकी अस्पताल में उचित जाँच करा कर खुद को सुरक्षित रखते हुवे, परिवार व समाज को सुरक्षित रख सकते है। डॉक्टर वी. के. चतुर्वेदी व डॉक्टर नवीन मेहर ने उपस्थितो को कोरोना वायरस (को.बि. ड. 19) के जरूरी लक्षण एवं इससे बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानी से आम जनता को अवगत कराया साथ ही टोल प्लाजा पर से गुज़र रहे लोंगो को मास्क, गलप्स व सेनेटाइजर वितरित किए गए। इस मौके पर मैनेजर विक्रांत कुलकर्णी, रामेन्द्र पाण्डेय, मनजीत जी डॉक्टर दीपक एम्बुलेंस नंदकिशोर वर्मा, सुनील मालवीय, अंकुश शर्मा सहित सभी सम्मानीय उपस्थित थीं।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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