सड़क पर उतर कर किसान कराएंगे मंगल का बाजार बंद, कृषि मंडी विश्राम गृह में तैयार हुई आंदोलन की रणनीति

सड़क पर उतर कर किसान कराएंगे मंगल का बाजार बंद, कृषि मंडी विश्राम गृह में तैयार हुई आंदोलन की रणनीति

सीहोर, अनुराग शर्मा| किसान सड़कों पर उतर कर मंगलवार को शहर का बाजार बंद (Farmers Maret Closed) कराएंगे। किसान विरोधी अध्यादेशों (Farmers Bill) के खिलाफ किसान उग्र प्रदर्शन करेंगे। किसानों के साथ मंडी व्यापारी और हम्माल तुलावट भी खड़े दिखाई देंगे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। इधर दिल्ली में सौ से अधिक किसान प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। तीनों कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग करेंगे। जरूरत पड़ी तो किसान तहसील कार्यालय के सामने धरना भी देंगे।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने केंद्रीय कार्यकारिणी के आहवान पर रविवार को कृषि मंडी विश्राम गृह में बैठक का आयोजन किया। वरिष्टजनों ने किसान हित को लेकर विचार विर्मश किया। केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। प्रान्तीय अध्यक्ष विक्रम सिंह पटेल ने किसानों को संबोधित किया। तीनों कृषि कानून बिलो के विरोध में भारत बंद का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। किसान हित में 8 दिसम्बर मंगलवार को जिले के व्यापारयिों दुकानदारों से दुकाने बंद रखने की अपील करने का निर्णय लिया गया।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रवक्ता आत्माराम चंद्रवंशी ने बताया की संघ के द्वारा पहले भी उक्त कानून के विरोध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिए गए है किसानों की अन्य लंबित मांगे भी इस में शामिल रहीं है लेकिन केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में कुछ भी करने को तैयार नहीं है जिस को लेकर अब पंजाब हरियाणा के किसानों के समर्थनमें और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किसान सड़क पर उतरेंगे और बाजार बंद कराएंगे। जिलास्तरीय बैठक में आंदोलन की रणनीति तय कर ली गई है।

बैठक में संभागीय महामंत्री प्रहलाद सिंह भगत, जिला उपाध्यक्ष जसवन्तसिंह मेवाड़ा,नारायणसिंह ठाकुर, मांगीलाल पटेल. रमेश परमार,बलॉक अध्यक्ष बलराम सिंह मुकाती, ब्लाक अध्यक्ष इछावर कन्हैया लाल,विकासखण्ड इछावर उपाध्यक्ष राजमल परमार,भगवत सिंह पटेल,.विष्णु प्रसाद जलोदिया,मांगीलाल, नारायण सिंह गौर,रमेश कुमार, नाथूसिंह वर्मा, सरपंच रामसिंह, देवनारायण, हसीब खान,धरमसिंह प्रजापति,गजराज सिंह.देवकरण मेवाड़ा,लाड़सिंह पदमसिंह मेवाड़ा,रामचरण मेवाड़ा आदि किसान उपस्थित रहे।

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