पिता ने बेटी के शव को कब्रिस्तान में किया दफन, 10 साल बाद पुलिस ने खोद कर निकाला

पिता ने बेटी के शव को कब्रिस्तान में किया दफन, 10 साल बाद पुलिस ने खोद कर निकाला

सीहोर, अनुराग शर्मा| गुम बालिकाओं के दस्तयाब को लेकर पुलिस मुहिम चला रही है। इस दौरान मंडी थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले को उजागर किया। जहां 10 साल पहले लड़की के परिजनों ने थाने में गुम हो जाने की रिपोर्ट (Missing Report) दर्ज कराई थी। सोमवार को पुलिस (Police) ने प्रशासन की मौजूदगी में एक कब्रस्तान में खुदाई कराई तो उसी लड़की के शव के अवशेष मिले।

मंडी थाना प्रभारी मनोज मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि 2011 में ग्राम मनखेड़ा निवासी इकराम ने उसकी 17 वर्षीय बेटी अनम के गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुम बालिका दस्तयाब मुहिम के दौरान जब बच्ची के माता पिता से थाने बुलाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने मामले में खात्मा लगाने की बात कही। जिससे पुलिस का शक परिजनों पर गया। जब सख्ती से पूछताछ किया तो उन्होंने कबूल किया कि लड़की ने जहर खाकर आत्महत्या की थी और उसे ग्राम मुड़ला खुर्द के कब्रस्तान में रात को डाल दिया।

परिजनों की निशानदेही पर सोमवार को मंडी थाना पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम के साथ मुड़ला खुर्द के कब्रस्तान में जेसीबी से खुदाई कराई तो यहाँ से एक शव के अवशेष प्राप्त हुए। जिन्हें परीक्षण के लिए भोपाल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस ने मृतिका के पिता इकराम, भाई इकरार ओर ग्राम के दो युवक जो शमीम और इस्माइल को गिरफ्तार कर लिया है जिनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। मंडी टीआई मिश्रा ने बताया कि मृतिका के पिता ने ग्राम के दो युवकों के साथ बाइक पर अनम के शव को करबस्तान में लाकर दफन कर दिया। बताया कि मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा भी हो सकता है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews