मोर का शिकार करने वाले चार आरोपी धराए, ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने पकड़ा

मोर का शिकार करने वाले चार आरोपी धराए, ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने पकड़ा

आष्टा/मोहम्मद सादिक़

मई माह की गर्मी के चलते जंगली जानवर इन दिनो जंगल मे पानी न होने के कारण रहवासी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे है। जिसका फायदा शिकारी उठा रहे है। वन प्राणी की सुरक्षा के लिए जहां वनविभाग की टीम गश्त कर रही है वहीं ग्रामवासियों मे भी जागरूकता आ गई है। जिसका परिणाम यह निकला कि ग्रामीणों की मदद से मोर का शिकार कर रहे है चार शिकारियो को वनविभाग की टीम ने मोर सहित गिरफ्तार किया है।

रेंजर सुभाष शर्मा ने बताया कि डीएफओ रमेश गनावा एसडीओ राजेश शर्मा के निर्देश पर टीम गठित की गई है जो लगातार जंगल का भ्रमण कर गश्त कर रही है। शनिवार को लगभग चार बजे रूपेटा के सरपंच राजेंद्र सिह ठाकुर द्वारा मोबाइल पर सूचना मिली थी कि चार लोग मोर का शिकार कर ले जा रहे है। रेजर ने तत्काल दलबल सहित पहुचकर ग्रामीणो की मदद से मोर सहित चारो आरोपीयो को पकड़ा है। उन्होने बताया कि आरोपी लक्ष्मण सिह , विक्की पवार, सूरज, जोलेन को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से मरा हुआ मोर भी जब्त किया गया है।

आरोपियों के विरूद्ध वन अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इस सफलता मे रूपेटा के सरपंच राजेद्र सिह ठाकुर रेंजर सुभाष शर्मा डिप्टी रेजर एके साहू वनरक्षक चेतन परिहार प्रदीप मलोठिया रमेश साहू घनश्याम पांडे सहित ग्रामीणजनो की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews