सीहोर में रविवार और सोमवार को पूर्ण लॉकडाउन, शनिवार रात 8 बजे से होगा प्रभावी

सीहोर में रविवार और सोमवार को पूर्ण लॉकडाउन, शनिवार रात 8 बजे से होगा प्रभावी

सीहोर/अनुराग शर्मा

सीहोर की राजस्व सीमा के अन्तर्गत रविवार और सोमवार पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के लिए कलेक्टर अजय गुप्ता के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी आदित्य कुमार जैन द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। आदेशानुसार रविवार 26 एवं सोमवार 27 जुलाई को अनुभाग सीहोर की राजस्व सीमा के अन्तर्गत संपूर्ण लॉकडाउन घोषित किया गया है। रात्रिकालीन कर्फ्यू पूर्व से ही प्रभावशील होने से यह लॉकडाउन शनिवार 25 जुलाई रात्रि 8 बजे से प्रभावी होकर मंगलवार 28 जुलाई को प्रात: 5 बजे तक रहेगा।

लॉकडाउन अवधि में सीहोर के समस्त फार्मा, अस्पताल, पैथॉलाजी, पट्राल पंप एवं गैस सिलेंडर के रिटेल आउटलेट, एटीएम इस आदेश के प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे, साथ ही दूध डेयरी प्रात:7 से लेकर प्रात: 10 बजे तक एवं सायं 5 बजे से सायं 7 बजे तक संचालित रहेंगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डनीय कार्यवाही एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-60 के तहत भी कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी आदेश्र तक प्रभावशील रहेगा।

जिला पंचायत कार्यालय 5 दिनों के लिए निषेध क्षेत्र घोषित। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीहोर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला पंचायत कार्यालय में कार्यरत् जिला तकनीकि विशेषज्ञ के कोरोना संक्रमण के आने एवं उनके द्वारा कार्यालय के अन्त अधिकारी-कर्मचारियों के संपर्क में आने के कारण जिला पंचायत कार्यालय 5 दिनों के लिए निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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