सीहोर का कुबेरेश्वर धाम लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां अक्सर भोलेनाथ के दर्शन पूजन और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। आज भी यहां आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
कुबरेश्वर धाम में 25 अगस्त यानी आज सीवन नदी के तट से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाने वाली है। यह कांवड़ यात्रा 11 किलोमीटर की होगी जो नदी से पवित्र जल लेकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचेगी और भगवान शिव को जल अर्पित करेगी। इस यात्रा में मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी भक्तों को शामिल होने की उम्मीद है।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
कुबेरेश्वर धाम की कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु मौके पर पहुंच चुके हैं। मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। प्रशासन द्वारा भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
फूलों से सजाया गया धाम
इस विशेष आयोजन को देखते हुए कुबरेश्वर धाम को विशेष रूप से सजाया गया है। 5 क्विंटल फूलों से बाबा और पूरे मंदिर का विशेष श्रृंगार किया गया है। वहीं कावड़ यात्रा में जो श्रद्धालु निकलेंगे उनका उत्साह बढ़ाने के लिए मार्ग पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जाने वाली है। सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक कांवड़ियों पर फूल बरसाए जाएंगे। इस दौरान भव्य झांकिया और भजन की प्रस्तुति भी दी जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए ये सुविधा
कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए कुबेरेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग में 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। जहां पर चाय, नाश्ता, फलाहार, पेयजल और भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। लाखों श्रद्धालु के आने की संभावना को देखते हुए एंबुलेंस और प्राथमिक की चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई है। किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर प्रशासन की लगातार नजर है।

यात्रा मार्ग पर 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात हैं और वॉच टावर से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा शौचालय, पेयजल, और विद्युत व्यवस्था के साथ-साथ गोताखोर और एसडीआरएफ की व्यवस्था भी की गई है।
रूट किया गया डायवर्ट
आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए इस क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ गया है। इसी के चलते प्रशासन द्वारा रूट डायवर्ट किया गया है। कुछ मार्गों को वनवे कर दिया गया है और अगर जरूरत पड़ेगी तो इन्हें पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाएगा। जो लोग दूर-दराज से वाहनों के जरिए आ रहे हैं उनके लिए भी निर्धारित पार्किंग स्थान तय किया गया है।






