सीहोर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दरअसल, पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर और एक ट्रेडिंग एप से चल रहे गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस द्वारा की गई जांच में अब तक 20 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी करने की जानकारी सामने आई है। यह प्रारंभिक जांच में सामने आए आंकड़े हैं, जिसके करोड़ों रुपए तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। इस ठगी में उपयोग किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पासबुक और चेक बुक भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
लोन का झांसा देकर लिए दस्तावेज
इस मामले में कोतवाली थाने में शाजापुर के एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी सतीश ने सीहोर बस स्टैंड पर उन्हें लोन दिलाने का झांसा दिया और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड लिए। बाद में उन्हें पता चला कि बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
📌साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश: 3 आरोपी गिरफ्तार📌
📌सीहोर कोतवाली पुलिस ने फर्जी ‘FX Trade’ ऐप और नकली कॉल सेंटर चलाकर अंतरराज्यीय ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है:
📌कार्रवाई: 13 अगस्त 2026 को दर्ज अपराध (क्र. 587/26, धारा 318(4) BNS) में सीहोर पुलिस टीम ने की त्वरित… pic.twitter.com/fxq4GZWuo3
— SP_SEHORE (@SpSehore) August 17, 2026
लोगों को दिया मुनाफे का लालच
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ये ठग FX Trade में निवेश कर भारी रिटर्न का लालच देकर लोगों को झांसा देते थे और किराए के खाते में पैसे मंगाते थे। इस गिरोह ने अपना फर्जी एप बना रखा था जिसमें वह लोगों को पैसा लगाने के लिए कहते थे। किसी को शक ना हो इसलिए रकम जमा होने के तुरंत बाद इसे एटीएम से नगद निकाल लिया जाता था। जांच में अलग-अलग राज्यों से इन बैंक खातों के खिलाफ शिकायत मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
रोज 100 लोगों को निशाना बनाने का टारगेट
इस गिरोह के कॉल सेंटर में 6 कर्मचारी काम करते थे। इन्हें हर दिन करीब 100 लोगों को फोन कर निशाना बनाने का काम दिया जाता था। आरोपी लोगों के मोबाइल नंबर ब्लड डोनेशन डायरेक्टरी से हासिल करते थे। इसके बाद उन्हें फोन का निवेश और ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा दिया जाता था।
इन्हें किया गिरफ्तार
इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सतीश मेवाड़ा और कल्याण मेवाड़ा निवासी ग्राम भैंसरौद, शाजापुर और शुभम वर्मा निवासी सेमरा दांगी, सीहोर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 कंप्यूटर, एक लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, फर्जी खातों की पासबुक, चेक बुक और सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। ठगी की रकम और गिरोह से जुड़ी अन्य जानकारी भी सामने आ सकती है।






