सीहोर जिले के सलकनपुर देवी धाम में दर्शन करने पहुंचे पांच युवकों के साथ कथित मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ का मामला सामने आने के बाद हंगामा मच गया। देवास जिले से आए श्रद्धालुओं का आरोप है कि विवाद महज 20 रुपए की रसीद को लेकर शुरू हुआ था। मामला बढ़ने के बाद मंदिर परिसर के ऊपरी क्षेत्र में उनके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के मुताबिक देवास जिले के पांच युवक सलकनपुर देवी धाम में दर्शन के लिए पहुंचे थे। अपनी कार से मंदिर के ऊपरी क्षेत्र की तरफ जाते समय उनसे 20 रुपए की रसीद मांगी गई। इसी दौरान ऑनलाइन भुगतान को लेकर कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच बातचीत शुरू हुई। श्रद्धालुओं का आरोप है कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने ऑनलाइन पेमेंट लेने से मना कर दिया।
दोनों पक्षों के बीच बहस हुई
इसके बाद कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय श्रद्धालुओं ने आखिरकार नकद 20 रुपए का भुगतान कर दिया और दर्शन के लिए मंदिर चले गए। उस समय मामला शांत हो गया था। हालांकि, श्रद्धालुओं के मुताबिक दर्शन करने के बाद जब वे वापस अपनी कार के पास पहुंचे, तो हालात अचानक बदल गए। वहां पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू हो गई।
श्रद्धालुओं की कार में भी तोड़फोड़ का आरोप
पीड़ित युवकों का आरोप है कि दर्शन के बाद लौटने पर करीब 20 लोगों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी कार को भी निशाना बनाया और उसमें तोड़फोड़ कर दी। अचानक हुए इस विवाद के चलते मौके पर मौजूद दूसरे श्रद्धालुओं में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान वहां से गुजर रहे कुछ अन्य श्रद्धालु भी कथित मारपीट की चपेट में आ गए और उन्हें चोटें आईं। घटना के बाद सलकनपुर क्षेत्र में तनाव जैसी स्थिति बन गई।
करणी सेना ने भी नाराजगी जताई
वहीं पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि मारपीट करने वालों में मंदिर समिति से जुड़े कर्मचारी भी शामिल थे। दूसरी ओर, इस मामले को लेकर करणी सेना ने भी नाराजगी जताई है। संगठन ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। अब पुलिस जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई, मौके पर कितने लोग मौजूद थे और श्रद्धालुओं पर हमला करने में किन लोगों की भूमिका रही। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों की शिकायत इस मामले में अहम हो सकती है। साथ ही कार में हुई तोड़फोड़ और मारपीट से जुड़े सबूत भी जांच का हिस्सा बनेंगे।






