नर्मदापुरम में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सातरास्ता इलाके में पुरानी तहसील के पास अचानक आग भड़क उठी। रात करीब डेढ़ बजे नगर पालिका की पीली गुमठियों और ठेलों में लगी आग देखते ही देखते इतनी तेज हो गई कि आसपास के लोग घबरा गए। कुछ ही देर में आग की लपटें ऊंची उठने लगीं और इलाके में धुएं का गुबार छा गया। आग ने करीब पांच गुमठियों और ठेलों को अपनी चपेट में ले लिया।
नर्मदापुरम में आधी रात कैसे भड़की आग?
नर्मदापुरम के सातरास्ता इलाके में पुरानी तहसील के पास नगर पालिका की पीली गुमठियां और ठेले लगे हुए हैं। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे यहां अचानक आग लगने की सूचना मिली। उस समय ज्यादातर लोग अपने घरों में थे, इसलिए शुरुआत में आग लगने की जानकारी आसपास के लोगों को ही हुई।
लपटें तेज होने के बाद लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। देखते ही देखते आग ने कई गुमठियों को घेर लिया। अंदर सामान होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही समय में करीब पांच गुमठियां और ठेले जलने लगे।
आग की लपटें दूर से भी दिखाई दे रही थीं। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन आग के नजदीक जाना जोखिम भरा था। ऐसे में दमकल टीम के पहुंचने का इंतजार किया गया। प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, आग का सही कारण जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।
पेट्रोल पंप पास होने से बढ़ गया था खतरा
इस अग्निकांड में सबसे बड़ी चिंता सिर्फ गुमठियों और ठेलों के जलने की नहीं थी। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर पेट्रोल पंप भी मौजूद था। आग अगर तेज हवा या किसी दूसरे कारण से पेट्रोल पंप की तरफ बढ़ती तो बड़ा हादसा हो सकता था। आसपास की बिजली सप्लाई भी एहतियात के तौर पर बंद कराई गई। इससे आग के दौरान बिजली के तारों या किसी विद्युत उपकरण से दूसरी परेशानी होने का खतरा कम किया जा सका।
रात के समय इस तरह की आग पर काबू पाना आसान नहीं होता। अंधेरा, धुआं और अंदर तक फैली लपटें दमकलकर्मियों के लिए चुनौती बनी हुई थीं। इसके बावजूद अलग-अलग जगहों से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने मिलकर मोर्चा संभाला।
इटारसी और एसपीएम से भी बुलाई गई दमकल
आग की गंभीरता को देखते हुए नर्मदापुरम की दमकल टीम के साथ इटारसी और एसपीएम से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। एक से ज्यादा दमकल वाहनों के पहुंचने के बाद आग पर लगातार पानी डाला गया।
गुमठियों के अंदर तक आग पहुंच चुकी थी। सिर्फ बाहर से पानी डालने से अंदर की आग पूरी तरह बुझाना मुश्किल हो रहा था। कई जगह अंदर सामान के बीच आग और धुआं बना हुआ था।
पांच गुमठियां और ठेले जलकर हुए राख
आग बुझने के बाद जब दमकलकर्मी और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां नुकसान का अंदाजा हुआ। करीब पांच गुमठियां और ठेले पूरी तरह जल चुके थे। इन गुमठियों और ठेलों के अंदर रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया। आग इतनी तेज थी कि कई सामान पूरी तरह जलकर राख हो गए। रात में आग लगने के कारण प्रभावित दुकानदारों को अपना सामान बचाने का ज्यादा मौका भी नहीं मिला। अग्निकांड में लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी नुकसान की अंतिम राशि सामने नहीं आई है। संबंधित विभाग और प्रभावित लोगों के स्तर पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
आग बुझाने के दौरान बिजली सप्लाई भी बंद कराई गई
नर्मदापुरम अग्निकांड के दौरान एहतियात के तौर पर आसपास की बिजली सप्लाई बंद कराई गई। आग वाले इलाके में बिजली के तार और अन्य विद्युत कनेक्शन होने के कारण यह कदम जरूरी था। बिजली बंद होने के बाद दमकलकर्मियों को आग बुझाने में मदद मिली। इससे आग के दौरान करंट से जुड़े किसी अतिरिक्त खतरे की आशंका भी कम हुई।
आग लगने की शुरुआती वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। ऐसे में बिजली कनेक्शन और वायरिंग की स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि आग सिर्फ शॉर्ट सर्किट से ही लगी थी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से शुरू हुई और इतनी तेजी से गुमठियों और ठेलों तक कैसे फैली।
जेसीबी से तोड़ना पड़ा गुमठियों का हिस्सा
आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मियों के सामने एक बड़ी परेशानी यह थी कि लपटें गुमठियों के अंदर तक पहुंच गई थीं। बाहर से पानी डालने पर हर हिस्से तक पानी पहुंचना आसान नहीं था। इस समस्या को दूर करने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। जेसीबी से शटर और जले हुए हिस्सों को हटाया गया। इसके बाद दमकलकर्मी अंदर तक पहुंच सके और वहां मौजूद आग को बुझाया गया।






