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सीहोर पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का किया पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में खुला चीन कनेक्शन

सीहोर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है वहीं एक आरोपी की तलाश जारी है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा करते हुए बताया कि वे साइबर ठगी की रकम को USDT यानी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीनी नागरिक तक पहुंचाते थे।
Sehore News

देश में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हालांकि, पुलिस भी लगातार कार्रवाई करते हुए साइबर गिरोहों का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। ताजा मामला मध्यप्रदेश सिहोर से सामने आया है जहां पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जिसके तार सीधे चीन से जुड़े हुए थे।

बता दें​ कि पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी साइबर फ्रॉड की रकम को ATM से निकालकर आगे पहुंचाने और फिर क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदलकर विदेशी नागरिक तक भेजने का काम करते थे। जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कि तो सामने आया कि साइबर ठगी की रकम टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ‘मैटी (Matty)’ नामक चीनी नागरिक तक पहुंचाई जाती थी।

क्या है पूरा मामला?

बता दें​ कि कोतवाली थाने में फरियादिया कंचन तोमर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर थाना प्रभारी रविंद्र यादव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी विश्लेषण और मनी ट्रेल के जरिए इस शातिर गिरोह तक पहुंच बनाई।

आरोपियों ने किया बड़ा खुलासा

पुलिस के अनुसार, फरियादिया के खाते से ठगी की रकम 9 और 10 अप्रैल 2026 को अलग-अलग ATM से निकाली गई थी। स्थानीय मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने इंदौर निवासी गोपाल सेन और सुमित कोष्ठी को गिरफ्तार किया और आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ATM से निकाली गई रकम वे आरोपी आर्यन अम्बेडकर को सौंपते थे। इसके बदले उन्हें कुल रकम का करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। जिसके बााद पुलिस ने आर्यन अम्बेडकर और उसके साथी ऋतेश प्रजापत को भी गिरफ्तार कर लिया।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीनी नागरिक को भेजते थे रकम

जब पुलिस की टीम ने आरोपी आर्यन से पूछताछ की तो एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने बताया कि साइबर ठगी से मिली रकम से USDT यानी क्रिप्टोकरेंसी खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से यह USDT ‘मैटी’ नामक चीनी नागरिक को भेजा जाता था।

पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

पूछताछ में आर्यन ने अन्य आरोपी शिवेंद्र सिंह राजपूत के भी नेटवर्क में शामिल होने की जानकारी दी। ​पुलिस ने मामले में अब तक गोपाल सेन, सुमित कोष्ठी, आर्यन अम्बेडकर, ऋतेश प्रजापत और अनुराग पटेल को गिरफ्तार किया है। वहीं फरार आरोपी शिवेंद्र सिंह राजपूत की तलाशी की जा रही है। साथ ही, पुलिस मामले में साइबर फ्रॉड की पूरी मनी ट्रेल और विदेशी कनेक्शन की विस्तृत जांच की जा रही है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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