नसरुल्लागंज टीआई की बड़ी कार्रवाई, दो लोग पिस्टल और 4 कारतूस के साथ गिरफ्तार

नसरुल्लागंज टीआई की बड़ी कार्रवाई, दो लोग पिस्टल और 4 कारतूस के साथ गिरफ्तार

सीहोर।अनुराग शर्मा।

बुधवार को शाम करीब 5 बजे नसरुल्लागंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर ग्राम गिल्लोर मैं नाकाबंदी कर दो पिस्टल और 4 जिन्दा कारतूस,स्विफ्ट कार सहित दो मौत के सौदागरों को पकडने की उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।आरोपी इच्छावर थाना क्षेत्र के बताऐ जा रहे हैं, नवागत “साहिब” के कार्यभार संभालने के बाद से ही एक के बाद लगातार कार्यवाहियों के चलते असमाजिक तत्वों मैं हडकँप की स्थिती बनी हुई है,वही आमजन मैं पुलिस के प्रति नजरिया बदलने लगा है साथ ही “साहिब” की कार्यशैली से पुलिस कर्मचारियों मै मनोबल बढता प्रतीत हो रहा है,इस शानदार कार्यवाही के साथ ही कर्मचारियों में बरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिलने की उम्मीद जागी है अन्यथा पिछले कुछ माहो से तो कार्यवाही करने बाले कर्मचारियों को निलम्बन सहित लाईन अटेच ही झेलना पडा है। यहाँ यह कहना भी अतिश्योक्ति नही होगा अगर पुलिस ने पुलिसिया अंदाज मै आरोपीयों से पूछताछ की तो पिस्टल कहाँ से आऐ “सरगना” कौन है और कितनो से मौत के सौदे (मतलब कितनो को कहाँ कहाँ पिस्टल बेची है) अभी तक हुऐ हैं…इस तथ्य से इंकार नही किया जा सकता।सूत्रों की मानें तो फिलहाल तो पुलिस की प्रारम्भिक पूछताछ मै आरोपियों ने पिस्टल कारतूस देवास तरफ से खरीदना बेचना स्वीकार किया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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