खूबसूरत पलों को यादगार बनाने वालों की हालत खराब, फोटोग्राफर्स ने की सरकार से मदद की अपील

खूबसूरत पलों को यादगार बनाने वालों की हालत खराब, फोटोग्राफर्स ने की सरकार से मदद की अपील

सीहोर/अनुराग शर्मा

अपने कैमरे के क्लिक से दूसरों की जिंदगियों के पल को यादगार बनाने वाले फोटोग्राफर इस लॉक डाउन में खुद लॉक हो गए हैं। शादी-ब्याह और पार्टियों को खूबसूरत लम्हों में बदलने वाले फोटोग्राफरों का जीवन अब बेरंग सा हो गया है। कोरोना महामारी में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉक डाउन में फोटोग्राफरों को भारी नुकसान हुआ है। इसे लेकर अब फोटोग्राफरों से सरकार से मदद की अपील की है।

अप्रैल, मई और जून शादियों का सीजन होता है और ऐसे समय में फोटोग्राफर को एक पल की भी फुर्सत नहीं मिलती थी। लेकिन मार्च माह में कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉक डाउन के कारण अधिकांश शादियां स्थगित या फिर रद्द कर दी गई। जिसके चलते फोटोग्राफरों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। फोटोग्राफर फिरोज बेग बताते हैं कि शादी के सीजन को देखते हुए मार्च माह के शुरू होते ही उन्होंने 2 लाख 60 हजार रूपए के कैमरे फायनेंस कराए थे लेकिन 25 मार्च को अचानक लॉक डाउन लगा दिया गया और अधिकांश शादियां स्थगित हो गई और सारे आर्डर रद्द हो गए, जिसके चलते बहुत नुकसान हुआ। इन्हें
एक सीजन में करीब 20 शादियों का आर्डर मिल जाता था, आजकल प्रीवेडिंग का भी चलन है तो वेडिंग फोटोग्राफर को अच्छा खासा काम मिल जाता था। लेकिन इस बार पूरा सीजन खाली चला गया, जून माह में भी फुर्सत नहीं मिलती थी लेकिन अभी फोटोग्राफर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। फायनेंस कंपनी किश्त जमा करने के लिए बार बार दबाव बना रही है दूसरों से कर्ज लेकर किश्त जमा करता हूं।

लाखों का नुकसान, सरकार से कोई मदद नहीं 
अब सीहोर फोटो एवं वीडियोग्राफर एसोशिएशन ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन देकर आर्थिक सहायता की मांग की है। इनका कहना है कि इस समय फोटोग्राफरों की माली हालत खराब है, रोजी-रोटी का संकट गहराया है और अब कई लोग यह प्रोफेशन बदलने को मजबूर हैं। अभी इतनी भी कमाई नहीं हो रही कि महंगे कैमरे की किश्त और दुकानों का किराया भी निकल सके। सरकार द्वारा भी कोई मदद नहीं मिल रही है। कई बैंकों में लोन के लिए प्रयास किया लेकिन मना कर दिया गया। ऐसे में अब इन्होने सरकार से मदद के लिये अपील की है।

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निदेशक और संपादक

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