सीहोर: भीषण गर्मी में नल उगल रहे दूषित बदबूदार जल, शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा निराकरण

सीहोर

सीहोर, अनुराग शर्मा। सीहोर (sehore) में एक तरफ रहवासी जलसंकट से जूझ रहे है तो वहीं नलों में दूषित पानी (contaminated water) आने से परेशानी। यहां के कई वार्डो में पिछले कुछ समय से नलों में इतना बदबूदार (smelling) और गंदा पानी आ रहा है कि पीना तो दूर यह दूसरे काम में उपयोग करने लायक तक नहीं रहता है। लोग इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए लगातार न.पा. (municipal corporation) के नुमाईंदों को शिकायत दर्ज करा रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

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नगर पालिका एक दिन छोड़कर शहर में करीब 90 लाख लीटर पानी 40 मिनट नलों के माध्यम से सप्लाई करती है। वार्ड क्रमांक 5, 6 सहित अन्य जगह हाल यह है कि शुरूआत के करीब 15 से 20 मिनट तक इतना दूषित और बदबूदार पानी आता है कि उसे लोगों को नाली में ही बहाना पड़ता है। उसके बाद जितना पानी नल में आता है उसमें से भी बदबू आने से वह पीने लायक नहीं रहता है। शनिवार को ही वॉर्ड छह की अरूण कॉलोनी के अलावा अन्य जगह यही स्थिति देखने को मिली। लोगों का कहना है कि दूषित पानी का सेवन किया तो यह बीमारियों का कारण बन सकता है। इस वजह से दूसरी जगह से इंतजाम कर प्यास बुझाना पड़ती है।

नगर पालिका अफसरों का तर्क है कि काहिरी डैम में थोड़ा बहुत पानी निचले स्तर का ही बचा है। उसी वजह से यह स्थिति बन रही है। ब्लीचिंग सहित अन्य उपाय कर पानी को पूरी तरह से साफ करने में जुटे हुए हैं। अफसरों का यह दावा कितना सत्य है उसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि काहिरी डैम में पानी अभी समाप्त हुआ है, जबकि रहवासियों का आरोप है कि दूषित पानी की समस्या पिछले कई महीनों से बनी है।

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गर्मी के मौसम में गहराएं जलसंकट की वजह से कई र्ड के रहवासी परेशानी उठा रहे हैं। वॉर्ड क्रमांक तीन की करीब चार हजार से ज्यादा आबादी भी इसी समस्या से जूझ रही है। वार्ड से जुड़े दशहरवाला बाग, भगवती कॉलोनी में पाइप लाइन नहीं बिछी होने से लोग निजी जलस्त्रोत या हैंडपंप आश्रित होकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। इसमें भी जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी की पूर्ति नहीं होती है। न.पा. ने भगवती कॉलोनी में ट्यूबेवल लगाई है, लेकिन वाटर लेवल डाउन होने से वह भी बंद हो गई है। इंदौर नाके पर टंकी बनाई जा रही है उसका काम धीमी गति से होने के कारण चार साल से अधिक समय बीतने के बाद पूरा नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि शहर में पानी सप्लाई करने करीब 150 किमी क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाई है, जिसमें 50 किमी की पुरानी है। पुरानी पाइप लाइन में आए दिन लीकेज से पानी बर्बाद होता है। यह पानी नलों में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचने से लोगों को इधर-उधर से लाकर काम चलाना पड़ता है। कई बार लीकेज के कारण भी नाली का पानी नलों में मिलकर लोगों के घर पहुंच जाता है।

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