एक झटके में 31 गांवों का पानी बंद, सीहोर में पाइपलाइन फटने से मचा हड़कंप

सीहोर जिले की मरदानपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना की मुख्य पाइपलाइन टूटने से 31 गांवों में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। वन विकास निगम की खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद जल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेजी से मरम्मत का काम शुरू कर दिया।
एक झटके में 31 गांवों का पानी बंद! सीहोर में पाइपलाइन फटने से मचा हड़कंप

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। मरदानपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण योजना से जुड़े 31 गांवों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई है। घटना के बाद जल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पाइपलाइन की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द सप्लाई सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, भेसान और सिराली के बीच वन विकास निगम की ओर से सीपीटी की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के भीतर बिछी 400 मिलीमीटर व्यास की डीआई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन टूटते ही जलापूर्ति बाधित हो गई और मरदानपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना से जुड़े कई गांवों में पानी पहुंचना बंद हो गया। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया।

किन-किन गांवों में प्रभावित रहेगी पेयजल सप्लाई?

मुख्य पाइपलाइन टूटने का असर सीधे तौर पर 31 गांवों की जलापूर्ति पर पड़ा है। इनमें सिराली, मोगराखेड़ा, भिलाई, मरियाडोह, टीकामोड़, मंगरोल, बावड़ीखेड़ा, रतनपुर, झाली, नवलगांव, सेवनिया, लाडकुई, सुनेड़, सिंहपुर, कोसमी, संकोटा, रफीकगंज, कुरी नयापुरा, पांगरी और बसंतपुर सहित कई गांव शामिल हैं। इसके अलावा मेलाबाई, घुटवानी, पिपलानी, फुंदकी, इटावा खुर्द, डोगलापानी, बेड़ापानी, किशनपुर, हमीदगंज, बोरखेड़ा कुराड़ और जाट मुहाई के लोगों को भी पानी की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि इन इलाकों में पेयजल के वैकल्पिक साधन सीमित हैं। ऐसे में एक दिन भी सप्लाई बंद होने से पीने के पानी के साथ-साथ खाना बनाने, पशुओं को पानी पिलाने और अन्य घरेलू कामों पर असर पड़ता है। लगातार उमस और गर्म मौसम के बीच अचानक पानी बंद होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई गांवों में लोगों ने पानी का सीमित उपयोग शुरू कर दिया है ताकि उपलब्ध पानी लंबे समय तक चल सके।

पाइपलाइन मरम्मत का काम तेज

जल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पाइपलाइन टूटने की सूचना मिलते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। तकनीकी टीम मौके पर लगातार काम कर रही है और कोशिश की जा रही है कि पाइपलाइन को जल्द से जल्द ठीक कर जलापूर्ति बहाल की जाए।

विभाग ने प्रभावित गांवों के लोगों से अपील की है कि जब तक जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक उपलब्ध पानी का सोच-समझकर उपयोग करें। साथ ही प्रशासन ने यह भरोसा भी दिलाया है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही सभी गांवों में नियमित पेयजल सप्लाई फिर से शुरू कर दी जाएगी।

Bhawna Choubey
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