
सीहोर। अनुराग शर्मा।
वैशाली नगर में रहने वाला पुलिस आरक्षक दरियाब सिंह के परिवार का विवाद अपने सामने रहने वाले ओमप्रकाश वर्मा के परिवार से हो गया। मामूली कहासुनी शुरू हुई बात ने देखते ही देखते गंभीर रूप धारण कर लिया।पुलिस आरक्षक के परिवार के सदस्यों ने लाठी रॉड ओर बंदूक के साथ समाने रहने वाले ओमप्रकाश वर्मा परिवार पर हमला कर दिया पूरी घटना cctv कैमरे में कैद हो गई विवाद में महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया ओर विवाद के दौरान अपने परिजनों को भड़काती नजर आई इस दौरान आरक्षक के परिजनों ने cctv कैमरे को तोड़ने का भी असफल प्रयास किया ।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

