जनता कर्फ़्यू: दुकानें बंद, सड़कों पर पसरा सन्नाटा, प्रशासन अलर्ट

जनता कर्फ़्यू: दुकानें बंद, सड़कों पर पसरा सन्नाटा, प्रशासन अलर्ट

सीहोर।अनुराग शर्मा.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस के मद्देनजर आज 22 मार्च को पूरे भारत मे जनता कर्फ़्यू की अपील की थी, जिस पर जनता ने पुरजोर समर्थन करते हुए आज सीहोर शहर को भी पूर्ण रूप से बंद रखा। बिना पुलिस पुलिस प्रशासन के आज पूरा नगर पूर्ण रूप से बंद है, जंहा चौराहों पर इस समय सैकड़ो लोग पहुचते है और अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनते है कि किन्तु आज पूरे शहर में सन्नाटा पसरा है, सभी लोग अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद है। बाजार में इक्का दुक्का लोग दिखाई दिए जो अपने महत्त्वपूर्ण कार्यो की वजह से निकले थे किंतु काम पूरा करने के बाद वे भी अपने घर की ओर लौट गए। यंहा प्रधानमंत्री मोदी की अपील का भारी समर्थन देखा गया।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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