आकाशीय बिजली गिरने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, एक साथ उठी दोनों की अर्थी

आकाशीय बिजली गिरने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, एक साथ उठी दोनों की अर्थी

सीहोर।अनुराग शर्मा।

गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात इछावर विकासखंड के ग्राम कुंडी खाल में आकाशीय बिजली गिरने से पांच बेटियों के माता-पिता की मौत हो गई ।जानकारी के अनुसार कुंडी खाल निवासी सुनेर सिंह पिता सजन सिंह उम्र 36 वर्ष व श्रीमती रामवतीबाई पति सुनेर सिंह उम्र 35 वर्ष के गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात अचानक से हुई बरसात मैं अपना गेहूं की फसल को ढकने खेत पर गए थे तभी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई आपको ले जानकारी के लिए बता दें कि इनकी पांच बेटियां हैं जिसमें सबसे बड़ी कुमारी रितु 16 साल ,कुमारी सीमा 12 साल ,कुमारी निकिता 10 साल, कुमारी मुस्कान 8 साल ,कुमारी रानी 6 साल है।

डीएसपी के सराहनीय पहल

जैसे ही इछावर थाना में पदस्थ डीएसपी मनीष राज को सूचना मिली वह मौके पर पहुंचे और परिवार को रात में ही दस हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी और हर संभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया । राज ने मानवीय आधार पर पांच बेटियों को देखते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की है ।

क्षेत्र में छाया मातम
वह मंजर कैसा होगा जब एक ही घर से पति-पत्नी की आरती एक साथ उठेगी और छोटी 5 बच्चियां बिलबिला रही होंगी । यह सोचकर रूह कांप जाती है जैसे ही क्षेत्र में यह खबर फैली मातम सा माहौल छा गया । आज अल सुबह पीएम के पश्चात दोनो शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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