Tamil Nadu Helicopter Crash: DNA मैच के बाद परिजनों को मिलेगी नायक जितेंद्र की पार्थिव देह

Tamil Nadu Helicopter Crash: DNA मैच के बाद परिजनों को मिलेगी नायक जितेंद्र की पार्थिव देह

सीहोर, अनुराग शर्मा । तमिलनाडु हेलीकॉप्टर हादसे (Tamil Nadu Helicopter Crash) में सीडीएस बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) के साथ जान गंवाने वाले सीहोर के निवासी नायक जितेंद्र कुमार (NK Jitendra Kumar) के गांव में मातम पसरा हुआ है। पूरा गांव अपने लाडले के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहा है। लेकिन इन्तजार है कि ख़त्म ही नहीं हो रहा है।

नायक जीतेन्द्र कुमार (NK Jitendra Kumar) के अंतिम संस्कार की तैयारियां उनके गृह ग्राम धामंदा में की जा रही हैं। गांव के लोग, परिजन, रिश्तेदार जितेंद्र कुमार के दोस्त सब पार्थिव देह के अंतिम दर्शन करना चाहते हैं लेकिन पार्थिव देह के धामंदा पहुंचने को लेकर संशय बरकरार है, अभी पार्थिव देह दिल्ली में ही है।

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दरअसल दुर्घटना में मृतकों के शरीर इतने ज्यादा झुलस चुके हैं कि उनकी पहचान करना बहुत मुश्किल है, जितेंद्र के भाई भी शव की पहचान करने में सफल नहीं हो पाए इसलिए DNA टेस्ट और बॉडी निरीक्षण के परिणाम के बाद ही कुछ निर्णय हो पायेगा।

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सेना की मेडिकल कोर टीम ने मृत जवान के माता, पिता, बच्चों के DNA के लिए कल सैम्पलिंग की, इस टेस्ट में समय लगता है इसके रिजल्ट के बाद ही शव की पहचान हो सकेगी।  उम्मीद की जा रही है कि कल शनिवार को अंतिम संस्कार हो सकता है।

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उधर अंतिम सस्कार के लिए गायत्री मंदिर मैदान को तैयार किया जा रहा है , मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य वीवीआईपी के आने की सम्भावना के चलते हेलीपेड बनाया जा रहा है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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