प्रशासन पूरी तरह रहा सतर्क, थे पुलिस के जवान
, उमड़ा जनसैलाब
भारत माता की जय का नारा लगाकर नागरिकता संशोधन कानून को अपना समर्थन दिया
सीहोर। अनुराग शर्मा। देशभर में लागू किए गए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में शहर में निकाली गई। इसमें शामिल लोग अपने हाथों में तिरंगा लहराते हुए निकले रैली नागरिक जागरूक मंच द्वारा निकाली गई थी। रविवार को शहर के गंज स्थित पार्क से दोपरह दो बजे शुरू हुई। जो शहर के प्रमुख मार्ग से होते हुए बाल विहार मैदान पर पहुंचे, जहां पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लागू सीएए के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान यहां पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि यह कानून नागरिकता देने वाला है, किसी की नागरिकता छीनने वाला नहीं है। यह कानून दोनों सदन से पास होकर लागू किया गया है। इससे किसी को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। इस कानून का हम सभी को समर्थन करना चाहिए। देश में एकता और अखंडता के लिए केन्द्र सरकार द्वारा कानून बनाया गया है। यह कानून पाकिस्तान, बंगलादेशए और अफगानिस्तान से प्रताडि़त होकर आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी, जैन को नागरिकता देकर संरक्षण करने का है। इस दौरान हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय का नारा लगाकर नागरिकता संशोधन कानून को अपना समर्थन दिया।
सीएए के समर्थन में तिरंगे के साथ निकाली भव्य रैली, चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






