सीहोर जिले के आष्टा में गुरुवार को मुख्यमंत्री कन्यादान सम्मेलन में 200 बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने सामूहिक विवाह को सामाजिक समरसता और सादगी का प्रतीक बताया और कहा कि इस योजना के माध्यम से अब तक 1.70 लाख से अधिक बेटियों का विवाह हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद, समृद्ध तथा खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह में नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी ग्राउंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत “मुख्यमंत्री कन्यादान सम्मेलन” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 200 कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और खुशहाल दाम्पत्य जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति में विवाह सिर्फ सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन माना गया है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता, सहयोग और सामूहिक चेतना का सशक्त प्रतीक है, जो समाज को फिजूलखर्ची और दिखावे से दूर रहने का संदेश देता है। यह आयोजन समाज में समानता, सहयोग और संस्कारों को मजबूत करता है।” उन्होंने नवदंपतियों से आपसी विश्वास, सम्मान और परिवारिक मूल्यों के साथ जीवन बिताने का आह्वान किया।
अब तक डेढ़ लाख से अधिक कन्याओं का विवाह हुआ
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में परिजन मौजूद रहे। इस सम्मेलन के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह एवं निकाह की रस्में संपन्न कराई गईं। बता दें कि सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना है। दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक प्रदेश में 1 लाख 70 हजार 187 बेटियां इस योजना के माध्यम से दाम्पत्य जीवन में प्रवेश कर चुकी हैं। इस अवधि में राज्य सरकार द्वारा लगभग 1000 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।






