अनुराग शर्मा/सीहोर। सीहोर में एक अनोखी शादी हुई जहां एक युगल ने संविधान की शपथ ली। यहां के भारती नगर निवासी विष्णुप्रसाद दोहरे के पुत्र हेमंत और जयराम भास्कर की पुत्री मधु की ने अपनी शादी में एक उदाहरण पेश करते हुए संविधान की शपथ लेने के बाद वैवाहिक रस्मों को पूरा किया। इस बारात में भी दूल्हा अपने हाथ में संविधान की किताब लेकर चल रहा था। वर-वधु के स्टेज पर बुद्ध एवं संविधान निर्माता डा. अंबेडकर के चित्र रखे हुए थे। भारत के संविधान के प्रस्तावना की शपथ लेने के बाद ही इन्होने बाकी रस्में अदा की। इनके विवाह निमंत्रण पत्र पर भी गौतम बुद्ध और डा.अंबेडकर के चित्र अंकित कराए गए थे।
अनूठी शादी, संविधान की शपथ लेने के बाद निभाई बाकी रस्में
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






