फ्लोर मिल में मजदूरों को बंधक बनाकर कराई जा रही थी मजदूरी, प्रशासन ने कराया मुक्त, सेंपल लिये

फ्लोर मिल में मजदूरों को बंधक बनाकर कराई जा रही थी मजदूरी, प्रशासन ने कराया मुक्त, सेंपल लिये

सीहोर/अनुराग शर्मा

लॉकडान के समय पूरा प्रशासनिक अमला कोरोना से निबटने में लगा हुआ है, लेकिन सूचना तंत्र व पुलिस इसमें फेल होता नजर आ रहा है। क्योंकि एक आटा फ्लोर मिल में नियमों का उल्लंघन कर मजदूरों के मोबाइल छीनकर उनसे मजदूरी कराई जा रही थी। इतना ही नहीं यह मजदूर मिल का गेट कूदकर फरार भी हो गए थे, जिन्हें 40 किमी दूर जमाेनिया खुर्द दोराहा थाने से वापस लाकर एक बार फिर काम में लगा दिया। खास बात तो यह है कि आटा मिल के संचालक ने न तो मजदूरों की सूचना दी और न ही मंडी थाने को इस मामले में भनक लगी। जब वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना लगी तो मौके पर जाकर 20 से अधिक मजदूरों की जांच कराई। साथ ही एक संदिग्ध का सैंपल भी लिया गया है। इसी के साथ फ्लोर मिल मालिक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार मंडी थाने के तहत आने वाली पंचायत जमोनिया टेंक में राजेश राठौर द्वारा एक ट्रेडकिग्स इंटरनेशनल आटा फ्लोरमिल का संचालन हो रहा है, जिसमें लॉकडाउन के दौरान चित्रकूट, रीवा, झांसी सहित सीहोर के मजदूर काम कर रहे थे। लेकिन मंडी थाने को इसकी भनक नहीं लगी और न ही फ्लोर मिल संचालक ने इसकी सूचना दी। जब प्रशासन को किसी माध्यम से फोन पर सूचना मिली कि यहां 20 से अधिक मजदूरों से काम कर रहे है, जिसमें 10 को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। इसके बाद एसडीएम आदित्य जैन, सीएसपी मंगल ठाकरे अपने बल के साथ मौके पर पहुंचे तो मजदूर बिना फिजीकल डिस्टेंस व बिना मास्क के मिल में काम कर रहे थे, जिन्हें बुलाकर पूछताछ की। साथ ही स्वास्थ्य अमले को बुलाकर 20 से अधिक मजदूरों की जांच कराई गई। इस दौरान एक मजदूर संदिग्ध मिला जिसे जिला अस्पताल भेजकर सैंपल लिया गया। साथ ही सभी मजदूरों के ग्राम पंचायत में ले जाकर बयान लिए गए।

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