खुद को व्यापारी बताने वाले निकले लुटेरे, कार के बोनट में छुपाकर ले जा रहे थे 1 करोड़ 74 लाख, ऐसे पकड़ाए

खुद को व्यापारी बताने वाले निकले लुटेरे, कार के बोनट में छुपाकर ले जा रहे थे 1 करोड़ 74 लाख, ऐसे पकड़ाए

सिवनी, डेस्क रिपोर्ट| सिवनी पुलिस (Seoni Police) को इनोवा कार में 1 करोड़ 74 लाख नगदी मिलने के मामले में नया खुलासा हुआ है| पकड़ाए गए आरोपी उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के कौशांबी जिले में नाटकीय रूप से लूट की वारदात को अंजाम देकर इनोवा कार से करोड़ों की नकद राशि‍ को लेकर मैहर, जबलपुर होते हुए सिवनी से मुंबई जा रहे थे। पुलिस व चेक पोस्ट पर जांच से बचने के लिए आरोपियों ने कार के बोनट में रुपए छुपाये थे, इनमे से लाखो रुपए के नोट जल गए और उड़कर सड़क पर बिखरे मिले| सूचना मिलने पर तीन लोगों को नकदी के साथ रविवार देर शाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था|

नकदी के साथ पकड़ाए गए हरिओम यादव (38), सुनील वर्मा (35), ग्यास बाबू अंसारी (40) ने लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह जुर्म कबूल किया और लूट की पूरी कहानी पुलिस को बताई। पुलिस के अनुसार वारदात का मास्टर माइंड व बनारस के सराफा व्यापारी का कर्मचारी हरिनाथ यादव व एक अन्य उत्तर प्रदेश पुलिस की गिरफ्त में हैं। सिवनी पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने बताया कि आरोपी प्रतापगढ़ में हुई नाटकीय लूट में शामिल हैंं।

पुलिस द्वारा नकदी पकडे जाने पर आरोपियों ने खुद को व्यापारी बताया था, लेकिन यह रुपए सराफा व्यापारी के थे, और इसे लूट की योजना थी| हरिओम यादव ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका भाई हरिनाथ यादव बनारस के व्यापारी के करोड़ों की नकदी राशि को दिल्ली या मुंबई ले जाकर वहां से सोना-चांदी लेकर आता था। सराफा व्यापारी का नकदी स्कोर्पियो वाहन में लेकर हरिनाथ अन्य लोगों के साथ ढाबे पर पहुंचा। यहां लूट की वारदात को वास्तविक दर्शाने के लिए चाकू, हथौड़ी, छैनी व डंंडों से मारपीट कर रूपयों से भारी स्कोर्पियो को लेकर तीनों भाग निकले। इसके बाद इनोवा में बैठकर यह तीनों मैहर, जबलपुर होते हुए सिवनी से मुंबई जा रहे थे। कार के बोनट में रुपए छुपाये गए थे, लेकिन इंजन गरम होने के कारण कार में रखे नोटों में आग लग गई और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए| पुलिस ने तीनों के पास से 1 करोड़ 74 लाख रुपए नकद बरामद किए| पुलिस ने जब इनोवा कार की सर्चिंग की तो उन्हें 1.90 लाख रुपए के अध जले 500 के नोट मिले| 500 रुपए के 80 नोटपूरी तर​ह जले हुए थे|

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