बंगवार माइंस में मौत का मंजर, अचानक धंसी खदान की छत, 2 श्रमिकों ने गंवाई जान

शहडोल जिले की बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। स्टॉपिंग वॉल निर्माण के दौरान खदान की छत का हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे दो मजदूरों की जान चली गई और चार श्रमिक घायल हो गए। हादसे के बाद खदान सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
शहडोल की कोयला खदान में बड़ा हादसा, छत धंसने से 2 मजदूरों की मौत, 4 घायल

शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र स्थित एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र की बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार दोपहर हुए हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर उस समय स्टॉपिंग वॉल निर्माण में जुटे थे, तभी अचानक छत का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दुर्घटना की खबर मिलते ही खदान परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में बल्लू बैगा और गोलू बैगा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं प्रेमलाल विश्वकर्मा, राजकुमार यादव, अमित यादव और अंजनी बैगा घायल हो गए। घायलों को तत्काल रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ श्रमिकों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद मृतक मजदूरों के परिवारों में शोक का माहौल है।

कैसे हुआ हादसा और क्या है शुरुआती जांच?

जानकारी के मुताबिक हादसा शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दूसरी पाली के दौरान हुआ। मजदूर खदान के अंदर स्टॉपिंग वॉल तैयार कर रहे थे। इसी दौरान खदान की छत का कमजोर हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। मलबे की चपेट में कई मजदूर आ गए। राहत की बात यह रही कि रेस्क्यू टीम ने तेजी दिखाते हुए घायलों को समय पर बाहर निकाल लिया।

हादसे के बाद एसईसीएल प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि छत की चट्टानों का कमजोर हिस्सा दबाव नहीं झेल पाया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी तकनीकी जांच के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट हो सकेगा। खदान के प्रभावित क्षेत्र को फिलहाल सुरक्षित घेरा बनाकर बंद कर दिया गया है ताकि जांच और सुरक्षा संबंधी कार्य बिना किसी बाधा के पूरे किए जा सकें।

कोयला खदान सुरक्षा पर उठे सवाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार

इस हादसे के बाद भूमिगत खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिगत खदानों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, छत की मजबूती की जांच और आधुनिक निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। यदि किसी हिस्से में संरचनात्मक कमजोरी के संकेत मिलते हैं तो वहां काम शुरू करने से पहले अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए जाने चाहिए।

एसईसीएल प्रबंधन ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतक मजदूरों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

फिलहाल खदान में राहत और तकनीकी जांच का काम जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल दो परिवारों को गहरा दुख दिया है, बल्कि खदानों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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