मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में सामने आए बहुचर्चित रामाबाई क्रिश्चियन अस्पताल जमीन घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग साढ़े 15 करोड़ रुपये के गबन के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद शहर में हड़कंप मच गया है और भू-माफियाओं में भी खलबली देखी जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी अब्राहम क्रिस्टी और पूर्व परियोजना अधिकारी प्रयास कुमार प्रकाश को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला कोतवाली शहडोल में दर्ज अपराध क्रमांक 870/22 से जुड़ा हुआ है। लंबे समय से चल रही जांच और तलाश के बाद पुलिस ने आखिरकार इन दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
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रामाबाई अस्पताल की 13 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला रामाबाई क्रिश्चियन अस्पताल की करीब 13 एकड़ बेशकीमती जमीन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस जमीन को लीज के नाम पर फर्जी तरीके से बेच दिया गया और करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
पुलिस की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल की इस सुरक्षित जमीन को अवैध तरीके से बेचकर वहां कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बड़े-बड़े शोरूम संचालित किए जा रहे हैं।
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस जमीन की खरीद-फरोख्त में शहर के कई प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब इन लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।
एफआईआर में सामने आई अहम जानकारी
एफआईआर के अनुसार वर्ष 2012 में रामाबाई क्रिश्चियन अस्पताल के संचालन के लिए एक समझौता (MOU) किया गया था। यह समझौता संस्था और प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच हुआ था, जिसके तहत अस्पताल के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज की जिम्मेदारी कुछ व्यक्तियों को सौंपी गई थी।
इस समझौते में वित्तीय प्रबंधन से जुड़े स्पष्ट नियम और शर्तें तय की गई थीं। लेकिन आरोप है कि आरोपियों ने इन नियमों का उल्लंघन करते हुए अस्पताल की संपत्ति और वित्तीय संसाधनों का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संस्था के बैंक खातों और आर्थिक संसाधनों का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ किया गया, जिससे अस्पताल को करीब 15 करोड़ 39 लाख 80 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
पुलिस जांच में गबन की पुष्टि
पुलिस की जांच में इस पूरे मामले में गबन और धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रयास कुमार प्रकाश और अब्राहम क्रिस्टी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
रसूखदार खरीदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे जमीन घोटाले में कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए पुलिस अब उन लोगों की भी जांच कर रही है जिन्होंने इस जमीन को खरीदा या उस पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाए।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन की खरीद-फरोख्त के दौरान किन-किन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया और किस स्तर पर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया। इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।
चार साल बाद हुई बड़ी गिरफ्तारी
यह मामला लगभग चार साल पुराना बताया जा रहा है। लंबे समय तक जांच और आरोपियों की तलाश के बाद अब जाकर पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लोगों को उम्मीद है कि इस पूरे जमीन घोटाले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।