श्योपुर विजयपुर थाना क्षेत्र के दाउदपुर गांव से एक डराने वाली घटना सामने आई है। यहां खेत पर काम करने गई दो बालिकाओं पर अचानक एक सियार ने हमला कर दिया। इस हमले में दोनों बच्चियां घायल हो गईं, जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई है।
बताया जा रहा है कि दोनों बच्चियां अपने परिवार के साथ खेत पर मवेशियों के लिए चरी काटने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों की तरफ से अचानक एक सियार निकला और बच्चियों पर टूट पड़ा। बच्चियों की चीख सुनकर खेत में मौजूद लोग दौड़े और शोर मचाकर किसी तरह सियार को वहां से भगाया।
खेत पर काम के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार दाउदपुर गांव निवासी कृष्णा कुशवाह और रचना कुशवाह सोमवार को खेत पर गई थीं। दोनों अपने परिवार के लोगों के साथ चरी काट रही थीं। तभी अचानक एक सियार खेत में पहुंच गया और दोनों बच्चियों पर हमला कर दिया।
सियार के हमले से दोनों बच्चियां बुरी तरह घबरा गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर बच्चियों को बचाया। ग्रामीणों ने डंडे और आवाज लगाकर सियार को खेत से भगाया।
एक बच्ची की हालत गंभीर
हमले में कृष्णा कुशवाह को ज्यादा चोटें आई हैं। उसके शरीर पर कई जगह गहरे घाव बताए जा रहे हैं। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। वहीं दूसरी बच्ची रचना कुशवाह को भी चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। दोनों बच्चियों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
गांव में डर का माहौल
इस घटना के बाद दाउदपुर गांव और आसपास के इलाकों में डर का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगल और खेतों के आसपास जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि खेतों में काम करने वाली महिलाओं और बच्चों में अब डर बैठ गया है। खासकर सुबह और शाम के समय लोग अकेले खेत जाने से बच रहे हैं।
वन विभाग और प्रशासन पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी जंगली जानवर देखे जा चुके हैं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों को पकड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने बच्चों और किसानों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की मांग की है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर गांवों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गर्मी के मौसम में अक्सर जंगली जानवर पानी और खाने की तलाश में गांवों की तरफ आ जाते हैं। ऐसे में खेतों और जंगल के पास रहने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को अकेले खेत या सुनसान जगहों पर नहीं भेजना चाहिए। साथ ही ग्रामीणों को समूह में काम करना चाहिए ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
मध्य प्रदेश के कई जिलों में पहले भी सियार और अन्य जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खासकर गांवों और जंगल से लगे इलाकों में ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगल कम होने और भोजन की कमी के कारण जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की तरफ आ रहे हैं। यही वजह है कि इंसानों और जंगली जानवरों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है।






