शिवपुरी जिले के नरवर में रविवार रात उस समय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जब कोटिया मोहल्ले के एक घर में अचानक दुर्लभ पैंगोलिन पहुंच गया। रात करीब 10 बजे घर में इस अनोखे जीव को देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए।
इसकी सूचना मिलने के बाद सर्पमित्र सलमान पठान और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पैंगोलिन को देखते ही आसपास के लोग भी उसे देखने के लिए जमा हो गए। हालांकि, रेस्क्यू टीम ने सावधानी से उसे पकड़ा और बाद में सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
नरवर के घर में कैसे पहुंचा पैंगोलिन?
नरवर के कोटिया मोहल्ले में रविवार रात करीब 10 बजे एक परिवार के घर में पैंगोलिन दिखाई दिया। शुरुआत में घर के लोगों को समझ नहीं आया कि यह कौन सा जानवर है। शरीर पर बने कठोर शल्क और उसका अलग आकार देखकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई।
कुछ ही देर में इसकी जानकारी आसपास के लोगों को भी हो गई। देखते ही देखते घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। चूंकि पैंगोलिन सामान्य तौर पर आसानी से दिखाई नहीं देता, इसलिए उसे देखने के लिए लोग घर के आसपास पहुंचने लगे।
खतरा महसूस होते ही गेंद की तरह सिमट गया पैंगोलिन
पैंगोलिन की सबसे खास पहचान उसका शरीर है। इसके शरीर पर मजबूत शल्कों की परत होती है। जब इसे किसी तरह का खतरा महसूस होता है तो यह भागने के बजाय अपने शरीर को सिकोड़ लेता है। कुछ ही समय में इसका शरीर गोल दिखाई देने लगता है।
रात में ज्यादा सक्रिय रहता है यह दुर्लभ वन्यजीव
पैंगोलिन मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहने वाला जीव है। दिन के समय यह अक्सर सुरक्षित जगह पर छिपा रहता है और रात में भोजन की तलाश में बाहर निकलता है।
यही वजह है कि आबादी वाले इलाकों में भी इसका दिखाई देना आमतौर पर अचानक ही होता है। जंगल या उसके आसपास रहने वाले इलाकों में भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में कोई पैंगोलिन कभी-कभी इंसानी बस्ती के पास पहुंच सकता है।
जंगल में छोड़ा गया पैंगोलिन
रेस्क्यू के बाद पैंगोलिन को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और जंगल में छोड़ दिया गया। इस तरह घर में पहुंचे वन्यजीव को बिना नुकसान पहुंचाए उसके प्राकृतिक वातावरण में वापस भेज दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों के लिए यह घटना भले ही हैरान करने वाली रही हो, लेकिन वन विभाग और रेस्क्यू टीम के लिए सबसे जरूरी बात पैंगोलिन की सुरक्षा थी।






